Category:
Crime (अपराध)
State:
Rajasthan
2026-09-21 03:14:03
जयपुर/नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित किया है। तस्वीर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब साढ़े तीन महीनों में प्याज के दाम में लगभग 82 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। करीब 30 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब कई बाजारों में 54 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है।
प्याज ने बिगाड़ा रसोई का बजट, साढ़े तीन महीने में 82% तक बढ़े दाम; अब राहत की उम्मीद
जयपुर/नई दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित किया है। तस्वीर में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब साढ़े तीन महीनों में प्याज के दाम में लगभग 82 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। करीब 30 रुपये किलो बिकने वाला प्याज अब कई बाजारों में 54 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है।
हालांकि, ताजा बाजार संकेतों में कीमतों में नरमी की उम्मीद भी दिखाई दे रही है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को देश में प्याज का औसत खुदरा भाव 53.92 रुपये प्रति किलो था। यह एक महीने पहले की तुलना में करीब 48 प्रतिशत और एक साल पहले की तुलना में करीब 94 प्रतिशत अधिक था।
मंडियों में नौ फीसदी तक गिरे थोक भाव
उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक, हाल के नौ दिनों में प्याज के थोक बाजार भाव में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता में कमी नहीं है और मंडियों में आवक बढ़ने के साथ खुदरा कीमतों में भी राहत आने की संभावना है।
सरकार ने बफर स्टॉक से शुरू की सस्ती बिक्री
बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार बफर स्टॉक से प्याज 35 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध करा रही है। NCCF और NAFED के माध्यम से विभिन्न शहरों में इसकी बिक्री की जा रही है। सरकार ने सड़क और रेल परिवहन के जरिए प्याज को प्रमुख उपभोग केंद्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की है।
नई फसल की आवक से मिल सकती है राहत
बाजार विशेषज्ञों और सरकारी पक्ष से सामने आए संकेतों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मंडियों में आपूर्ति बढ़ने पर प्याज के खुदरा भाव में और नरमी आ सकती है। रिपोर्टों में अगले कुछ सप्ताह में कीमतों में कमी की संभावना जताई गई है, जबकि खरीफ और लेट-खरीफ फसल की आवक बढ़ने पर बाजार को और राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल प्याज की कीमतों में तेजी का असर घरेलू बजट के साथ-साथ खाद्य महंगाई पर भी दिखाई दे रहा है। अगस्त 2026 में भारत की खुदरा महंगाई 4.82 प्रतिशत रही और खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत तक पहुंची; इसी दौरान प्याज की सालाना महंगाई दर 48.27 प्रतिशत दर्ज की गई।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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