Category:
Army (सेना)
State:
Rajasthan
2026-09-21 07:16:30
भारत और जापान के बीच चल रहे संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’ के दौरान रविवार को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी।
जोधपुर के आसमान में भारत-जापान की साझी ताकत, तेजस में दिखा दोनों एयर चीफ का तालमेल
जोधपुर, राजस्थान | 21 सितंबर 2026
भारत और जापान के बीच चल रहे संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन-2026’ के दौरान रविवार को जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर एक महत्वपूर्ण दृश्य देखने को मिला। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह और जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल ताकेहिरो मोरिता ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में उड़ान भरी।
इस अभ्यास का आयोजन 9 से 22 सितंबर 2026 तक जोधपुर में किया जा रहा है। इसमें भारतीय वायुसेना के तेजस, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे लड़ाकू विमान तथा जापान के F-2A लड़ाकू विमान शामिल हैं। खास बात यह है कि इस अभ्यास के दौरान जापानी लड़ाकू विमानों ने पहली बार भारतीय धरती से संयुक्त प्रशिक्षण अभियान में हिस्सा लिया है।
तेजस बना भारत-जापान हवाई सहयोग का केंद्र
रविवार की उड़ान के दौरान दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों की भागीदारी को रक्षा सहयोग और परिचालन तालमेल के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जापानी एयर चीफ ने पायलट के साथ ट्विन-सीटर तेजस में उड़ान भरी, जबकि भारतीय वायुसेना प्रमुख ने तेजस में अलग उड़ान भरी। दोनों अधिकारियों ने आपसी सम्मान और साझेदारी के प्रतीक के तौर पर बैज एक्सचेंज भी किया।
जापानी एयर चीफ ने तेजस के अनुभव को सराहा और इसे भारत की तकनीकी क्षमता तथा ‘मेक इन इंडिया’ पहल से जुड़ा बताया। वहीं भारतीय वायुसेना प्रमुख ने भारतीय धरती पर पहली बार जापानी लड़ाकू विमानों के संचालन को दोनों देशों के रक्षा संबंधों में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
युद्धक परिस्थितियों में संयुक्त प्रशिक्षण
‘वीर गार्जियन-2026’ के दौरान दोनों देशों की वायुसेनाएं विभिन्न उन्नत हवाई अभियानों, सामरिक प्रशिक्षण और पेशेवर संवाद के जरिए इंटरऑपरेबिलिटी यानी संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से संचालन की क्षमता को मजबूत करने पर काम कर रही हैं। अभ्यास का समापन 22 सितंबर को होना निर्धारित है।
जोधपुर के रेगिस्तानी क्षेत्र में हो रहा यह अभ्यास भारतीय वायुसेना के स्वदेशी तेजस और जापान के F-2A जैसे विमानों को एक ही प्रशिक्षण वातावरण में संचालन का अवसर दे रहा है। इससे दोनों वायुसेनाओं के बीच अनुभव साझा करने और संयुक्त अभियानों के लिए समन्वय बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS [NMS.NEWS](https://nms.news?utm_source=chatgpt.com)