Category:
Army (सेना)
State:
Rajasthan
2026-09-22 02:51:15
जयपुर/जोधपुर। राजस्थान से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हेरोइन की तस्करी के मामलों की जांच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को बड़ा नेटवर्क सामने आने की जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से राजस्थान के सीमावर्ती जिलों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने वाले नेटवर्क में 200 से अधिक संदिग्ध सप्लायरों की भूमिका सामने आई है।
🇮🇳 पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हेरोइन तस्करी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 200 से ज्यादा सप्लायरों पर शिकंजा
300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्ती की तैयारी, एनसीबी ने सफेमा कोर्ट में भेजा प्रस्ताव
जयपुर/जोधपुर। राजस्थान से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में ड्रोन के जरिए हेरोइन की तस्करी के मामलों की जांच में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को बड़ा नेटवर्क सामने आने की जानकारी मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से राजस्थान के सीमावर्ती जिलों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने वाले नेटवर्क में 200 से अधिक संदिग्ध सप्लायरों की भूमिका सामने आई है।
जांच के मुताबिक पिछले करीब चार वर्षों में राजस्थान सीमा क्षेत्र में ड्रोन के जरिए 50 बार हेरोइन की खेप पहुंचाए जाने के मामले सामने आए। इन मामलों में कुल करीब 175.89 किलोग्राम हेरोइन, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 351.78 करोड़ रुपये बताई गई है, बरामद की गई।
गंगानगर, खाजूवाला और फलौदी में नेटवर्क सक्रिय
जांच में सीमावर्ती इलाकों में अलग-अलग तरीकों से ड्रग्स की डिलीवरी का खुलासा हुआ है। गंगानगर में स्थानीय संपर्कों के माध्यम से ड्रोन से गिराई गई खेप उठाने, खाजूवाला में खेतों में ड्रोन से पैकेट गिराए जाने और फलौदी क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हेरोइन की सप्लाई से जुड़े मामलों का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में पाकिस्तान से ड्रोन रात के समय भारतीय सीमा में प्रवेश कर खेतों अथवा निर्धारित स्थानों पर पैकेट गिराते थे। इसके बाद स्थानीय नेटवर्क के लोग इन्हें उठाकर आगे सप्लाई करते थे।
2026 में भी ड्रोन से तस्करी के मामले सामने आए
रिपोर्ट में अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान सीमा पर ड्रोन के जरिए 14.641 किलोग्राम हेरोइन की खेप पकड़े जाने का उल्लेख है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 29.28 करोड़ रुपये बताई गई है।
ड्रोन आधारित तस्करी का खतरा केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। रक्षा संबंधी 2026 के विश्लेषण में भी 2025 के दौरान पंजाब और राजस्थान सहित अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ड्रोन घुसपैठ की घटनाओं का उल्लेख किया गया है।
संपत्ति जब्ती के लिए सफेमा कोर्ट में प्रस्ताव
एनसीबी की जांच में सामने आए वित्तीय नेटवर्क के आधार पर तस्करों और उनसे जुड़े लोगों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 300 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्ती की कार्रवाई के लिए सफेमा (SAFEMA) कोर्ट में प्रस्ताव भेजा गया है। यह प्रक्रिया जांच और कानूनी परीक्षण के बाद आगे बढ़ेगी।
सुरक्षा एजेंसियां सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा रही हैं। जुलाई 2026 में भी जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी और निगरानी अभियान चलाया था।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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