Category:
Public Transport (सार्वजनिक परिवहन)
State:
Rajasthan
2026-09-27 04:04:52
पितृपक्ष का विधिवत आगाज, आज प्रतिपदा श्राद्ध के साथ शुरू हुआ श्राद्ध कर्मों का क्रम
जिला और शहर
जयपुर। पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने वाले पितृपक्ष की मुख्य श्राद्ध तिथियां आज 27 सितंबर 2026, रविवार से शुरू हो गईं। आज आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि के अवसर पर प्रतिपदा श्राद्ध किया जा रहा है। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर की रात से शुरू होकर 27 सितंबर की रात तक रहने वाली है।
पितृपक्ष के दौरान परिवार अपने दिवंगत पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। धार्मिक परंपरा के अनुसार आज का प्रतिपदा श्राद्ध उन पूर्वजों के लिए किया जाता है जिनका निधन प्रतिपदा तिथि को हुआ था।
26 सितंबर को हुआ पूर्णिमा श्राद्ध
पितृपक्ष की तारीख को लेकर इस वर्ष 26 और 27 सितंबर के बीच भ्रम की स्थिति रही। पंचांग के अनुसार 26 सितंबर को पूर्णिमा तिथि में दिवंगत पितरों का पूर्णिमा श्राद्ध किया गया, जबकि 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ मुख्य पितृपक्ष की तिथि-वार शुरुआत मानी जा रही है।
10 अक्टूबर को होगा समापन
पितृपक्ष का क्रम आगे बढ़ते हुए 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पूरा होगा। इस दिन उन पितरों के लिए भी श्राद्ध-तर्पण करने की परंपरा है, जिनकी निर्धारित श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती।
धार्मिक आयोजनों के बीच कई स्थानों पर लोग अपने पूर्वजों की स्मृति में तर्पण, पिंडदान, भोजन और दान-पुण्य जैसे कार्य कर रहे हैं। श्राद्ध की विधि और मुहूर्त स्थानीय पंचांग तथा पारिवारिक परंपरा के अनुसार अलग हो सकते हैं।
संवाददाता: श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS