Category:
Government (सरकार)
State:
Rajasthan
2026-09-28 03:21:06
राजधानी जयपुर के न्यू सांगानेर रोड को 100 फीट चौड़ा करने की प्रक्रिया के तहत रविवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की टीमों की कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और भारी विरोध का माहौल बन गया। हाई कोर्ट के आदेशों की पालना में जेडीए की 5 टीमों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन (डिमार्केशन) की लाल लकीरें खींचीं, जिससे सांगानेर चौराहे से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किलोमीटर लंबे मार्ग में 260 निर्माण इसकी जद में आ गए हैं। सड़क पर उतरे लोग और व्यापारी, यातायात ठप
न्यू सांगानेर रोड चौड़ीकरण मामला: JDA की सीमांकन कार्रवाई का भारी विरोध, 260 निर्माण आए दायरे में; 6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
जयपुर (NMS.NEWS / विशेष रिपोर्ट):
राजधानी जयपुर के न्यू सांगानेर रोड को 100 फीट चौड़ा करने की प्रक्रिया के तहत रविवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की टीमों की कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और भारी विरोध का माहौल बन गया। हाई कोर्ट के आदेशों की पालना में जेडीए की 5 टीमों ने मौके पर पहुंचकर सीमांकन (डिमार्केशन) की लाल लकीरें खींचीं, जिससे सांगानेर चौराहे से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.4 किलोमीटर लंबे मार्ग में 260 निर्माण इसकी जद में आ गए हैं।
सड़क पर उतरे लोग और व्यापारी, यातायात ठप
जैसे ही जेडीए की टीम ने सीमांकन शुरू किया, स्थानीय निवासी और व्यापारी आक्रोशित होकर सड़कों पर उतर आए। लोगों ने दिनभर धरना-प्रदर्शन कर अर्धनग्न अवस्था में सांकेतिक विरोध दर्ज कराया। कई महिलाएं सड़क पर बैठकर नारेबाजी करने लगीं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। माहौल गरमाता देख पुलिस ने समझाइश कर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया।
विधायक पहुंचे मौके पर, दिया आश्वासन
क्षेत्रीय विधायक गोपाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि "जनता का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। यदि सीमांकन में कोई खामी हुई है तो उच्च अधिकारियों से वार्ता कर इसका न्यायसंगत समाधान निकाला जाएगा"।
बिना पुनर्वास तोड़फोड़ मानव अधिकारों का हनन: खाचरियावास
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने प्रभावित व्यापारियों और मकान मालिकों से मुलाकात कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास के रोजी-रोटी और आशियाने छीनना सीधे तौर पर मानव अधिकारों का हनन है। सरकार को पहले प्रभावित परिवारों को मकान और दुकान की व्यवस्था देनी चाहिए"।
पीड़ितों का दर्द: "पहले हो पुनर्वास, फिर चले बुलडोजर"
स्थानीय व्यापार मंडल के संरक्षक ओम राजोरिया ने कहा कि त्यौहारों का सीजन शुरू हो रहा है, ऐसे में दुकानों और मकानों को हटाने से हजारों परिवारों का रोजगार खत्म हो जाएगा। वहीं, स्थानीय निवासी कुसुम लता ने चिंता जताते हुए कहा कि "मकान और दुकान छीन गए तो बच्चे कहाँ रहेंगे और पढ़ाई कैसे करेंगे, उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं"।
6 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेश होगी पालन रिपोर्ट
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जेडीए को मास्टर प्लान के अनुसार 100 फीट सड़क चौड़ी करने का निर्देश दिया था। इस आदेश की पालना में जेडीए 6 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करेगा।
- संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर (NMS.NEWS)