Category:
Politics (राजनीति)
State:
Delhi
2026-09-28 05:22:31
नई दिल्ली/जयपुर। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता एवं राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्मशती वर्ष की शुरुआत के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जीवन और कार्यों को स्मरण किया। 27 सितंबर 2026 से अशोक सिंघल का जन्मशती वर्ष शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री ने उनके साथ अपने लंबे जुड़ाव और विभिन्न अवसरों की स्मृतियां साझा करते हुए उनके संगठनात्मक योगदान तथा समाजसेवा के प्रयासों का उल्लेख किया।
अशोक सिंघल का जीवन राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण की मिसाल: जन्मशती वर्ष पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया स्मरण
नई दिल्ली/जयपुर। विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता एवं राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्व रहे स्वर्गीय अशोक सिंघल की जन्मशती वर्ष की शुरुआत के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जीवन और कार्यों को स्मरण किया। 27 सितंबर 2026 से अशोक सिंघल का जन्मशती वर्ष शुरू हुआ है। प्रधानमंत्री ने उनके साथ अपने लंबे जुड़ाव और विभिन्न अवसरों की स्मृतियां साझा करते हुए उनके संगठनात्मक योगदान तथा समाजसेवा के प्रयासों का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संस्मरण में बताया कि अशोक सिंघल लंबे समय तक संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे और देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के लिए काम करने पर जोर देते थे। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं सहायता के प्रयासों में भी उनकी सक्रिय भूमिका का उल्लेख किया गया है। वर्ष 2001 के कच्छ भूकंप के बाद की स्मृतियों को भी प्रधानमंत्री ने अपने लेख में साझा किया।
अशोक सिंघल का अयोध्या आंदोलन और राम जन्मभूमि से जुड़ा योगदान भी उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। प्रधानमंत्री ने 1991 की बोट क्लब रैली तथा राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उनके संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की यात्रा में अशोक सिंघल जैसे लोगों का समर्पण महत्वपूर्ण रहा।
सामाजिक समरसता, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों से भी अशोक सिंघल का जुड़ाव बताया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार वे वैदिक शिक्षा तथा ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा के प्रसार से जुड़ी पहलों में रुचि रखते थे। संगीत के प्रति उनका लगाव भी उनके व्यक्तित्व का एक उल्लेखनीय पक्ष रहा।
जन्मशती वर्ष के अवसर पर अशोक सिंघल के जीवन, विचारों और सार्वजनिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। उनके जीवन से जुड़े संस्मरणों और कार्यों को लेकर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों एवं चर्चाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
संवाददाता श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS