Category:
Business (व्यापार)
State:
Rajasthan
2026-09-28 05:37:25
जयपुर, 28 सितंबर 2026। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है। बीते सप्ताह घरेलू बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और निफ्टी तथा सेंसेक्स लगातार सातवें सप्ताह कमजोर होकर बंद हुए। हालांकि, बाजार में चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच पूरी तरह निराशा का माहौल नहीं बना।
📉 वैश्विक जोखिम बढ़ा, घरेलू बाजार पर दबाव; लगातार सातवें सप्ताह गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब ‘वैल्यू बाइंग’ पर
जयपुर, 28 सितंबर 2026। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है। बीते सप्ताह घरेलू बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और निफ्टी तथा सेंसेक्स लगातार सातवें सप्ताह कमजोर होकर बंद हुए। हालांकि, बाजार में चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के बीच पूरी तरह निराशा का माहौल नहीं बना।
18 से 25 सितंबर के दौरान निफ्टी में करीब 206 अंक यानी 0.88% की गिरावट दर्ज हुई, जबकि सेंसेक्स करीब 399 अंक यानी 0.54% नीचे आया। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी बाजार में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में नरमी के बावजूद वैश्विक जोखिमों ने भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
वैश्विक संकेतों पर बाजार की नजर
विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में अमेरिका सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां और रुपये की चाल भारतीय शेयर बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। बैंकिंग, आईटी और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है।
28 सितंबर को सप्ताह की शुरुआत भी दबाव के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 500 से अधिक अंक नीचे आया, जबकि निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे खुला। बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक संकेतों और लगातार विदेशी बिकवाली का दबाव बताया गया।
किन क्षेत्रों पर रहेगी नजर?
बाजार विशेषज्ञों की नजर आने वाले सप्ताह में बैंकिंग, आईटी, इंश्योरेंस, ऑटो और चुनिंदा मिडकैप- स्मॉलकैप शेयरों पर रहेगी। बाजार में निचले स्तर पर खरीदारी की संभावना बनी हुई है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम के चलते उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या?
निफ्टी के लिए 23,100 के आसपास का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर बाजार की दिशा और दबाव में आ सकती है, जबकि इससे ऊपर टिकाव आने पर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी लौट सकती है। यह बाजार विश्लेषण है, निवेश सलाह नहीं।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS