Category:
Agriculture (कृषि)
State:
Rajasthan
2026-09-29 02:56:23
जयपुर। राजस्थान की विश्वविद्यालयों में आयोजित दीक्षांत समारोहों के खर्च को लेकर सामने आए आंकड़ों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में होने वाले आयोजन खर्च पर ध्यान खींचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय ने तीन दीक्षांत समारोहों पर कुल ₹16.52 लाख खर्च किए, जबकि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर ने तीन दीक्षांत समारोहों पर करीब ₹2.27 करोड़ खर्च किए।
राजस्थान की यूनिवर्सिटीज में दीक्षांत समारोह का खर्च अलग-अलग, जोधपुर कृषि विवि ने 3 समारोह सिर्फ ₹16.52 लाख में किए
जयपुर। राजस्थान की विश्वविद्यालयों में आयोजित दीक्षांत समारोहों के खर्च को लेकर सामने आए आंकड़ों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में होने वाले आयोजन खर्च पर ध्यान खींचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय ने तीन दीक्षांत समारोहों पर कुल ₹16.52 लाख खर्च किए, जबकि महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर ने तीन दीक्षांत समारोहों पर करीब ₹2.27 करोड़ खर्च किए।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के सात विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोहों पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ। वहीं तीन वर्षों के दौरान विभिन्न विश्वविद्यालयों में कुल 32 लाख 23 हजार 947 डिग्रियां वितरित की गईं। आंकड़ों में विश्वविद्यालयों के बीच समारोहों की संख्या और आयोजन पर हुए खर्च में काफी अंतर दिखाई देता है।
कहीं लाखों में खर्च, कहीं करोड़ों तक पहुंचा आंकड़ा
उपलब्ध विवरण में जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय का खर्च सबसे कम आंकड़ों में सामने आया है। विश्वविद्यालय ने तीन वर्षों में तीन दीक्षांत समारोह आयोजित कर 16.52 लाख रुपये खर्च किए। इसके मुकाबले महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर का तीन समारोहों का खर्च 2.27 करोड़ रुपये बताया गया है।
आंकड़ों में राजस्थान के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा दीक्षांत समारोहों में विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने के साथ-साथ आयोजन, व्यवस्थाओं और अन्य मदों पर किए गए खर्च का विवरण शामिल है।
तीन साल में लाखों विद्यार्थियों को मिली डिग्री
रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के विश्वविद्यालयों में तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें राजस्थान विश्वविद्यालय, एमडीएसयू अजमेर, कोटा विश्वविद्यालय, जेएनवीयू जोधपुर, कृषि विश्वविद्यालयों सहित कई संस्थान शामिल हैं।
दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालयों के लिए विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को औपचारिक रूप से सम्मानित करने का महत्वपूर्ण अवसर होते हैं। ऐसे में आयोजन पर होने वाले खर्च और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा होती रही है।
राजस्थान में उच्च शिक्षा से जुड़े नियामकीय और विश्वविद्यालय संबंधी मामलों की निगरानी के लिए राजस्थान विद्युत नियामक आयोग की तरह अलग-अलग वैधानिक संस्थाएं हैं; विश्वविद्यालयों से जुड़े ताजा सरकारी आदेश और सूचनाएं संबंधित विभागों के माध्यम से जारी होती हैं।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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