Category:
Business (व्यापार)
State:
Delhi
2026-09-29 03:11:18
कम कीमत, बेहतर माइलेज और कम मेंटेनेंस खर्च से छोटे सेडान मॉडल फिर ग्राहकों की पसंद में
एसयूवी के दबदबे के बीच एंट्री-लेवल सेडान की बिक्री में 19% उछाल
कम कीमत, बेहतर माइलेज और कम मेंटेनेंस खर्च से छोटे सेडान मॉडल फिर ग्राहकों की पसंद में
नई दिल्ली। भारतीय कार बाजार में एसयूवी की मजबूत पकड़ के बावजूद एंट्री-लेवल सेडान सेगमेंट ने एक बार फिर तेजी दिखाई है। JATO Dynamics के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में एंट्री-लेवल सेडान की बिक्री 19 प्रतिशत बढ़कर 3.22 लाख यूनिट पहुंच गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा करीब 2.71 लाख यूनिट था। जनवरी-अगस्त 2026 के दौरान भी इस सेगमेंट की बिक्री 2.52 लाख यूनिट दर्ज की गई।
किफायती कारों की मांग ने बदला बाजार का रुख
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार छोटे सेडान की ओर ग्राहकों का रुझान मुख्य रूप से कम शुरुआती कीमत, बेहतर ईंधन दक्षता, कम रखरखाव लागत और CNG विकल्पों के कारण बना हुआ है। वहीं, ऊंचे मूल्य वर्ग की मिड-साइज सेडान को कॉम्पैक्ट और मिड-साइज एसयूवी से लगातार कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
जनवरी से अगस्त 2026 के बीच एंट्री-लेवल सेडान की यात्री वाहन बाजार में हिस्सेदारी 7.1 प्रतिशत रही, जो 2024 में 6.2 प्रतिशत और 2025 में 7 प्रतिशत थी। इसके विपरीत मिड-साइज सेडान की हिस्सेदारी 2024 के 1.7 प्रतिशत से घटकर जनवरी-अगस्त 2026 में 0.9 प्रतिशत रह गई।
डिजायर की सबसे बड़ी हिस्सेदारी
एंट्री-लेवल सेडान बाजार में मारुति सुजुकी डिजायर का दबदबा बना हुआ है। जनवरी-अगस्त 2026 में इस मॉडल ने 1,68,413 यूनिट बिक्री के साथ सेगमेंट में 66.8 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की। इसके बाद हुंडई ऑरा की 49,517 यूनिट और 19.6 प्रतिशत तथा होंडा अमेज की 26,676 यूनिट और 10.6 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। टाटा टिगोर की बिक्री 7,504 यूनिट रही।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारतीय ग्राहक जहां बड़ी और ऊंची एसयूवी को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं बजट-केंद्रित खरीदारों के बीच छोटी सेडान अभी भी व्यावहारिक विकल्प बनी हुई है। ऐसे में आने वाले समय में भारतीय कार बाजार में एसयूवी की मजबूत मांग के साथ किफायती सेडान की वापसी भी देखने को मिल सकती है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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