Category:
Weather (मौसम)
State:
Delhi
2026-09-29 03:24:22
नई दिल्ली/जयपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में समय से पहले हुई बर्फबारी का असर अब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा सहित आसपास के इलाकों में तापमान को नीचे खींच दिया है।
🌦️ पहाड़ों की बर्फबारी का असर, उत्तर भारत में बढ़ी ठंडक; दिल्ली में सितंबर का टूटा रिकॉर्ड
नई दिल्ली/जयपुर। पहाड़ी क्षेत्रों में समय से पहले हुई बर्फबारी का असर अब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखाई देने लगा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद ठंडी हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा सहित आसपास के इलाकों में तापमान को नीचे खींच दिया है।
दिल्ली में सितंबर के दौरान तापमान में आई गिरावट ने मौसम के पुराने आंकड़ों पर भी ध्यान खींचा है। सफदरजंग वेधशाला में 27 सितंबर की रात न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो 2001 के बाद सितंबर का दूसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान बताया गया है। इससे पहले सितंबर 2008 में 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों में बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली ठंडी हवाओं, बारिश और बादलों ने मैदानी क्षेत्रों के तापमान को प्रभावित किया है। हालांकि यह बदलाव अभी शुरुआती दौर की ठंडक है और इसे सर्दियों की शुरुआत नहीं माना जा रहा है। मौसम साफ होने के साथ दिन का तापमान दोबारा बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और ठंडी हवाओं के बाद हवा की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला। रविवार को दिल्ली का औसत AQI 53 दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में इससे भी कम स्तर दर्ज हुआ। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधि कम होने और दिन के तापमान में फिर बढ़ोतरी की संभावना है।
पहाड़ों में पहली बर्फबारी ने बदला मौसम का मिजाज
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर और लाहौल-स्पीति तथा उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की शुरुआती बर्फबारी दर्ज की गई है। हेमकुंड साहिब सहित ऊंचे इलाकों में बर्फ की चादर दिखाई देने लगी है। इसके बाद मैदानी इलाकों में सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग की सलाह: मौसम में तेजी से बदलाव को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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