Category:
Army (सेना)
State:
Rajasthan
2026-09-30 03:03:35
जोधपुर। भारत में लंबे समय से चर्चा में रहे अमेरिका के अत्याधुनिक F-35A लाइटनिंग-II स्टेल्थ फाइटर जेट ने अब जोधपुर की धरती पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में पहली बार F-35 ने भारतीय वायुसेना के साथ परिचालनात्मक अभ्यास में हिस्सा लिया है।
20 साल से भारत की चर्चा में रहा F-35, अब जोधपुर में पहली बार दिखा अमेरिकी स्टेल्थ फाइटर
जोधपुर। भारत में लंबे समय से चर्चा में रहे अमेरिका के अत्याधुनिक F-35A लाइटनिंग-II स्टेल्थ फाइटर जेट ने अब जोधपुर की धरती पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ में पहली बार F-35 ने भारतीय वायुसेना के साथ परिचालनात्मक अभ्यास में हिस्सा लिया है।
F-35 की भारत में मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। इससे पहले यह विमान एयरो इंडिया जैसे एयर शो में भारतीय दर्शकों को दिखाई दे चुका है, लेकिन जोधपुर में चल रहे तरंग शक्ति अभ्यास में इसकी भागीदारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार अमेरिकी पांचवीं पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान को भारतीय वायुसेना के साथ सामरिक अभ्यास के लिए शामिल किया गया है।
अमेरिकी वायुसेना के F-35A विमान जापान के मिसावा एयर बेस से जोधपुर पहुंचे हैं। अमेरिकी रक्षा स्रोतों के अनुसार इस तैनाती में F-35A के साथ अमेरिकी एयरमैन भी शामिल हैं। अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, तेजस और अन्य विमान भी हिस्सा ले रहे हैं।
तरंग शक्ति-2026 का आयोजन 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार अभ्यास का उद्देश्य मित्र देशों की वायु सेनाओं के बीच साझा प्रशिक्षण, परिचालन समन्वय, तकनीकी अनुभव और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करना है। इसमें अमेरिका के अलावा ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायु सेनाएं भी भाग ले रही हैं।
F-35A को पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ लड़ाकू विमान माना जाता है। इसमें कम दृश्यता वाली डिजाइन, उन्नत सेंसर और सूचना-साझाकरण जैसी क्षमताएं हैं। जोधपुर अभ्यास के दौरान भारतीय वायुसेना को ऐसे विमान के साथ वास्तविक परिचालन प्रशिक्षण का अनुभव मिलने का अवसर मिल रहा है।
जोधपुर में F-35 की मौजूदगी ने भारतीय वायुसेना के इस बहुराष्ट्रीय अभ्यास को खास चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में अभ्यास के दौरान विभिन्न देशों के लड़ाकू विमानों के बीच संयुक्त मिशन और प्रशिक्षण गतिविधियां जारी रहेंगी।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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