Category:
Business (व्यापार)
State:
Delhi
2026-09-30 03:29:34
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटरों पर दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे निवेश के बीच अब इस क्षेत्र से होने वाली आय को लेकर भी बड़ा सवाल सामने आया है। Bain & Company की 29 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा स्तर के बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखने के लिए वैश्विक AI बाजार को वर्ष 2031 तक करीब 6 ट्रिलियन डॉलर सालाना का राजस्व पैदा करना होगा।
एआई पर बढ़ते निवेश के बीच बड़ी चुनौती: 2031 तक सालाना 6 ट्रिलियन डॉलर का बाजार जरूरी
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटरों पर दुनिया भर में तेजी से बढ़ रहे निवेश के बीच अब इस क्षेत्र से होने वाली आय को लेकर भी बड़ा सवाल सामने आया है। Bain & Company की 29 सितंबर 2026 को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, मौजूदा स्तर के बड़े AI इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखने के लिए वैश्विक AI बाजार को वर्ष 2031 तक करीब 6 ट्रिलियन डॉलर सालाना का राजस्व पैदा करना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर सालाना खर्च 2031 तक करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इसमें नए डेटा सेंटर, कंप्यूटिंग क्षमता, GPU, मेमोरी और नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च शामिल है। Bain के आकलन में वर्तमान अनुमानित निवेश स्तर को बनाए रखने के लिए AI उद्योग के राजस्व में काफी विस्तार जरूरी होगा।
भारत में भी तेजी से बढ़ रहा डेटा सेंटर निवेश
AI और क्लाउड कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग का असर भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र पर भी दिखाई दे रहा है। CBRE के अनुसार, 2026 की पहली छमाही तक भारत के डेटा सेंटर क्षेत्र में 2021 से किए गए कुल निवेश प्रतिबद्धताओं का आंकड़ा करीब 173 अरब डॉलर पहुंच गया, जिसमें अकेले 2026 की पहली छमाही में लगभग 38 अरब डॉलर शामिल हैं।
Cushman & Wakefield की सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में परिचालन डेटा सेंटर क्षमता करीब 1.8 GW हो चुकी है और करीब 3.9 GW की परियोजनाएं निर्माणाधीन या नियोजित हैं। मुंबई के साथ हैदराबाद, चेन्नई और दिल्ली-NCR भी प्रमुख डेटा सेंटर बाजार के रूप में उभर रहे हैं।
भारत सरकार ने भी डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, देश के डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश करीब 200 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना पर चर्चा हुई है।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS