Category:
Army (सेना)
State:
Delhi
2026-09-30 03:30:59
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विस्तार के बीच दुनिया के सामने तकनीक के साथ-साथ ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला और भू-राजनीतिक तनाव जैसी कई चुनौतियां एक साथ उभर रही हैं। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एशिया सोसायटी के एक कार्यक्रम में कहा कि दुनिया इस समय कई बड़े बदलावों और संकटों से एक साथ गुजर रही है।
एआई संकट ने बढ़ाई दुनिया की मुश्किलें, एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा विश्व
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विस्तार के बीच दुनिया के सामने तकनीक के साथ-साथ ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति शृंखला और भू-राजनीतिक तनाव जैसी कई चुनौतियां एक साथ उभर रही हैं। समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एशिया सोसायटी के एक कार्यक्रम में कहा कि दुनिया इस समय कई बड़े बदलावों और संकटों से एक साथ गुजर रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जयशंकर ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में युद्ध और संघर्ष, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा, तकनीकी बदलाव तथा आपूर्ति शृंखला से जुड़े मुद्दे एक-दूसरे से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे माहौल में देशों के लिए आर्थिक स्थिरता और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
एआई के बढ़ते प्रभाव से नई चुनौतियां
एआई अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, बिजली की बढ़ती मांग, साइबर सुरक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। 2026 में अमेरिका और चीन के बीच एआई से जुड़े गंभीर घटनाक्रमों पर संवाद के लिए एक अलग संचार चैनल स्थापित करने की दिशा में भी कदम सामने आए हैं, जो एआई सुरक्षा और संकट प्रबंधन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
भारत में भी तकनीकी और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी दर्ज की जा रही है। हालिया सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में देश के औद्योगिक उत्पादन में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में एआई का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा आवश्यकता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग पर वैश्विक स्तर पर नियमों और सहयोग की जरूरत भी बढ़ेगी। एआई के अवसरों के साथ उससे जुड़े जोखिमों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज होना इसी बदलाव का संकेत है।
संवाददाता श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS