Category:
Agriculture (कृषि)
State:
Rajasthan
2026-10-01 02:39:42
जयपुर। राजस्थान में मक्का की उन्नत खेती को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने बीज की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, किसानों को उन्नत किस्म के नाम पर ऐसा मक्का बीज वितरित किया गया, जिसकी गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि करीब 8.5 लाख किसानों को यह बीज उपलब्ध कराया गया।
उन्नत बीज के दावे पर बड़ा सवाल, 8.5 लाख किसानों तक पहुंचा कथित खराब मक्का बीज
जयपुर। राजस्थान में मक्का की उन्नत खेती को लेकर सामने आई एक रिपोर्ट ने बीज की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, किसानों को उन्नत किस्म के नाम पर ऐसा मक्का बीज वितरित किया गया, जिसकी गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि करीब 8.5 लाख किसानों को यह बीज उपलब्ध कराया गया।
रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से आशंका जताई गई है कि प्रभावित बीज से मक्का की फसल के उत्पादन में 25 से 30 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। मामले में बीज की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और किसानों को उपलब्ध कराए गए बीज की जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
आरएसएससी को खुद बीज उगाना था, कंपनियों को दिया काम
रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान राज्य बीज निगम (RSSC) को उन्नत बीज तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके लिए निजी कंपनियों को भी बीज उत्पादन एवं आपूर्ति से जुड़े कार्य सौंपे गए। रिपोर्ट में चार कंपनियों को काम दिए जाने और बीज की गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।
बीज की जांच को लेकर रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अलग-अलग स्तर पर नमूने लिए गए और उनकी गुणवत्ता की जांच की गई। किसानों के स्तर पर सामने आई शिकायतों के बाद अब इस पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हुई है।
किसानों के लिए गुणवत्ता जांच सबसे अहम
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, प्रमाणित बीज की गुणवत्ता सीधे किसान की लागत, उत्पादन और आय को प्रभावित करती है। ऐसे में बीज वितरण से पहले अंकुरण क्षमता, शुद्धता, नमी और अन्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों की जांच महत्वपूर्ण है।
किसानों को भी बीज खरीदते समय अधिकृत विक्रेता से बिल लेने, पैकेट की सील, बैच नंबर, वैधता और प्रमाणन संबंधी विवरण जांचने की सलाह दी जाती है। बीज या कृषि सामग्री से जुड़ी किसी शिकायत की स्थिति में संबंधित विभाग के समक्ष दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराना उपयोगी रहेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार और संबंधित विभाग समय-समय पर कृषि इनपुट की गुणवत्ता तथा किसानों के हितों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई करते रहे हैं।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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