Category:
State News (राज्य समाचार)
State:
Rajasthan
2026-10-02 03:04:31
जयपुर। जयपुर शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रस्तावित सेक्टर सड़कों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, करीब 15 वर्षों से कई सेक्टर सड़कें कागजों में दर्ज हैं, लेकिन मौके पर उनका पूरा स्वरूप विकसित नहीं हो सका है। रिपोर्ट में करीब 500 सेक्टर सड़कों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि इनमें बड़ी संख्या में सड़कें अधूरी हैं और प्रस्तावित सड़क मार्गों की जमीन पर समय के साथ आवासीय कॉलोनियां भी विकसित हो गई हैं।
जयपुर की सेक्टर सड़कों पर सवाल: 15 साल से कागजों में अटकी योजनाएं, कई जगह बस गईं कॉलोनियां
जयपुर। जयपुर शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रस्तावित सेक्टर सड़कों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, करीब 15 वर्षों से कई सेक्टर सड़कें कागजों में दर्ज हैं, लेकिन मौके पर उनका पूरा स्वरूप विकसित नहीं हो सका है। रिपोर्ट में करीब 500 सेक्टर सड़कों का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि इनमें बड़ी संख्या में सड़कें अधूरी हैं और प्रस्तावित सड़क मार्गों की जमीन पर समय के साथ आवासीय कॉलोनियां भी विकसित हो गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन सड़कों का उद्देश्य अलग-अलग इलाकों को आपस में जोड़कर यातायात को सुगम बनाना था। लेकिन सड़क निर्माण के लिए निर्धारित भूमि पर अतिक्रमण, निर्माण और विकसित होती बस्तियों के कारण कई स्थानों पर प्रस्तावित मार्गों को धरातल पर उतारना चुनौती बना हुआ है।
जेडीए ने अटकी सेक्टर सड़कों पर शुरू की प्रक्रिया
इस बीच जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से सेक्टर सड़कों को गति देने के लिए नई प्रक्रिया और परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। जनवरी 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार, जेडीए ने अटकी सेक्टर सड़कों के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए नई SOP जारी की थी। इसके साथ विभिन्न सेक्टर रोड परियोजनाओं पर काम शुरू करने की बात सामने आई थी।
राजस्थान के बजट दस्तावेज में भी जयपुर सहित प्रमुख शहरों की विभिन्न सेक्टर सड़कों के कार्यों के लिए 575 करोड़ रुपये के प्रावधान का उल्लेख है।
कॉलोनियों के बीच सड़क निकालना बड़ी चुनौती
जयपुर के तेजी से विस्तार के बीच जिन क्षेत्रों में कभी प्रस्तावित सड़कें थीं, वहां कई जगह आवासीय विकास हो चुका है। ऐसे में सड़क मार्ग को विकसित करने के लिए भूमि, अतिक्रमण और मौजूदा निर्माण से जुड़े मामलों का समाधान जरूरी होगा। जेडीए की मौजूदा योजनाओं में भी सेक्टर रोड और यातायात सुधार को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि वर्षों से लंबित सेक्टर सड़कों को लेकर जेडीए की नई प्रक्रिया कितनी तेजी से धरातल पर परिणाम देती है और प्रस्तावित सड़क मार्गों पर बने निर्माणों तथा अन्य बाधाओं का समाधान किस तरह किया जाता है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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