Category:
Crime (अपराध)
State:
Rajasthan
2026-10-02 03:07:12
जयपुर। शहर के नियोजित विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित सेक्टर सड़कें लंबे समय से लंबित हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार करीब 500 सेक्टर रोड में से लगभग 70 प्रतिशत सड़कें अभी तक अधूरी हैं। कई स्थानों पर सड़क के लिए निर्धारित जमीन पर कॉलोनियां और अन्य निर्माण विकसित हो चुके हैं, जिससे सड़क निर्माण की राह और कठिन हो गई है।
जयपुर की सेक्टर सड़कों पर बड़ा सवाल: 15 साल बाद भी 500 में से 70% सड़कें अधूरी
जयपुर। शहर के नियोजित विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित सेक्टर सड़कें लंबे समय से लंबित हैं। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार करीब 500 सेक्टर रोड में से लगभग 70 प्रतिशत सड़कें अभी तक अधूरी हैं। कई स्थानों पर सड़क के लिए निर्धारित जमीन पर कॉलोनियां और अन्य निर्माण विकसित हो चुके हैं, जिससे सड़क निर्माण की राह और कठिन हो गई है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब 50 किलोमीटर का कॉरिडोर भी 15 साल से अधूरा पड़ा है। इस दौरान शहर का विस्तार तेजी से हुआ और कई प्रस्तावित सड़क मार्गों के आसपास आबादी बस गई। ऐसे में अब जमीन का वास्तविक सीमांकन, अतिक्रमण और निर्माण संबंधी बाधाओं को दूर करना जेडीए के सामने प्रमुख चुनौती है।
कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई ने पकड़ी रफ्तार
रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो वर्षों में चार सड़कों को लेकर कोर्ट के आदेश के बाद जेडीए की कार्रवाई आगे बढ़ी है। वहीं, सेक्टर सड़कों के डिमार्केशन और लंबित परियोजनाओं को लेकर भी प्रक्रिया चल रही है। जेडीए ने अलग-अलग क्षेत्रों में सेक्टर रोड निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किए हैं। आधिकारिक रिकॉर्ड में जोन 12A की विभिन्न सेक्टर सड़कों के निर्माण के लिए करीब ₹27.51 करोड़ का टेंडर और PRN South में सेक्टर सड़कों के नवीनीकरण के लिए करीब ₹9.79 करोड़ का टेंडर दर्ज है।
सेक्टर सड़कों का पूरा नेटवर्क विकसित होने से कॉलोनियों को मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने और यातायात दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जहां प्रस्तावित सड़क की जमीन पर पहले से निर्माण हो चुका है, वहां कार्रवाई के साथ प्रभावित लोगों से जुड़े मुद्दों का समाधान भी महत्वपूर्ण रहेगा।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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