Category:
Economy (अर्थव्यवस्था)
State:
Telangana
2026-10-02 03:35:55
हैदराबाद। भारत के अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में एक नई पहल सामने आई है। हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सैटेलाइट ने ऐसा उपग्रह विकसित किया है, जो पृथ्वी की तस्वीरें केवल अंतरिक्ष से भेजने के बजाय उनका शुरुआती विश्लेषण वहीं करने में सक्षम होगा। अखबार में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी ने अपने एमओआई-1 सैटेलाइट को एसएसएलवी-18 मिशन के जरिए लॉन्च किया है।
भारत का पहला AI सैटेलाइट लॉन्च, अंतरिक्ष में ही होगा इमेज का विश्लेषण
हैदराबाद। भारत के अंतरिक्ष और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र में एक नई पहल सामने आई है। हैदराबाद की स्टार्टअप कंपनी ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सैटेलाइट ने ऐसा उपग्रह विकसित किया है, जो पृथ्वी की तस्वीरें केवल अंतरिक्ष से भेजने के बजाय उनका शुरुआती विश्लेषण वहीं करने में सक्षम होगा। अखबार में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी ने अपने एमओआई-1 सैटेलाइट को एसएसएलवी-18 मिशन के जरिए लॉन्च किया है।
इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में मौजूद उपयोगी जानकारी को तेजी से पहचानना है। इससे हर तस्वीर को पृथ्वी पर भेजने की जरूरत कम हो सकती है और जरूरी डेटा को प्राथमिकता के आधार पर भेजा जा सकेगा।
खेती से आपदा प्रबंधन तक मिल सकता है फायदा
सैटेलाइट में मौजूद ऑन-बोर्ड कंप्यूटिंग तकनीक का इस्तेमाल कृषि, खनन, बीमा, आपदा प्रबंधन, सीमा निगरानी और जमीन की निगरानी जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर का अंतरिक्ष में ही विश्लेषण कर जरूरी जानकारी तेजी से भेजी जा सकती है।
कम डेटा में ज्यादा उपयोगी जानकारी
कंपनी के अनुसार इस तकनीक से तस्वीरों के विश्लेषण में लगने वाला समय और डेटा को पृथ्वी तक भेजने की जरूरत दोनों कम हो सकती हैं। अखबार में बताया गया है कि उपग्रह का वजन करीब 50 किलोग्राम से कम है और इसमें 117 टॉप्स तक की कंप्यूटिंग क्षमता वाला सिस्टम लगाया गया है।
2028 तक अंतरिक्ष में बड़ा डेटा सेंटर बनाने की योजना
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी वर्ष 2028 तक बड़े डेटा सेंटर की योजना पर भी काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में उपग्रहों के जरिए बड़ी मात्रा में डेटा को अंतरिक्ष में ही प्रोसेस और स्टोर करने की दिशा में काम किया जाएगा। कंपनी का दावा है कि इससे भविष्य में पृथ्वी पर भेजे जाने वाले डेटा की मात्रा कम करने में मदद मिल सकती है।
भारत में अंतरिक्ष आधारित कंप्यूटिंग का यह क्षेत्र अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन सैटेलाइट और AI तकनीक के एकीकरण से रिमोट सेंसिंग तथा रियल-टाइम डेटा विश्लेषण के नए अवसर सामने आ सकते हैं।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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