Category:
Agriculture (कृषि)
State:
Rajasthan
2026-10-03 02:22:26
जयपुर। किसानों को निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने की योजना में बीज खरीद और टेंडर की शर्तों को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध दस्तावेज और प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक फर्म के लिए नियमों में बदलाव किए जाने के बाद करीब 14.5 करोड़ रुपये के बीज खरीदे जाने का मामला सामने आया है। आरोप यह भी है कि बीजों की आपूर्ति से पहले ही टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया, जबकि बाद में पुरानी शर्तों को फिर लागू किया गया।
फ्री बीज वितरण में नियमों पर सवाल, फर्म के लिए शर्तें बदलीं; 14.5 करोड़ के बीज खरीद पर उठे सवाल
जयपुर। किसानों को निःशुल्क बीज उपलब्ध कराने की योजना में बीज खरीद और टेंडर की शर्तों को लेकर सवाल उठे हैं। उपलब्ध दस्तावेज और प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एक फर्म के लिए नियमों में बदलाव किए जाने के बाद करीब 14.5 करोड़ रुपये के बीज खरीदे जाने का मामला सामने आया है। आरोप यह भी है कि बीजों की आपूर्ति से पहले ही टेंडर की शर्तों में बदलाव किया गया, जबकि बाद में पुरानी शर्तों को फिर लागू किया गया।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और सभी संभावित फर्मों को समान अवसर मिलने को लेकर है। प्रकाशित विवरण के अनुसार, किसानों के लिए मुफ्त बीज वितरण की व्यवस्था के तहत संबंधित खरीद प्रक्रिया में शर्तों में बदलाव किया गया। इसके बाद बड़ी राशि की बीज खरीद का निर्णय सामने आया।
टेंडर की अमानत राशि में भी बदलाव
दस्तावेज में टेंडर की कुल मात्रा 30,000 क्विंटल बताई गई थी। इसके लिए बोलीदाताओं को करीब 2 प्रतिशत यानी 75 लाख रुपये की अमानत राशि जमा करनी थी। बाद में शर्तों में बदलाव कर इसे 2 प्रतिशत से घटाकर 6 लाख रुपये किए जाने का उल्लेख है। इससे टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने वाली फर्मों के लिए पात्रता और प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।
किसानों की सूची और भुगतान की शर्तों पर भी चर्चा
टेंडर से संबंधित शर्तों में किसानों की सूची, बीज की गुणवत्ता, भुगतान और आपूर्ति से जुड़े प्रावधान शामिल थे। प्रकाशित जानकारी के मुताबिक किसानों की सूची तैयार करने और उनके खाते में भुगतान से संबंधित व्यवस्था में भी बदलाव किए गए।
कृषि क्षेत्र में बीज की गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता सीधे किसानों की फसल पर असर डालती है। ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि सरकारी खरीद में नियमों और शर्तों में होने वाले प्रत्येक बदलाव का स्पष्ट रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए, ताकि प्रक्रिया पर किसी तरह का संदेह न रहे।
राजस्थान में बीज की गुणवत्ता और प्रमाणीकरण को लेकर सरकार ने भी पारदर्शिता तथा समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर दिया है। जून 2026 में राज्य की बीज प्रमाणीकरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने संबंधी निर्णयों की जानकारी सामने आई थी।
वहीं, राजस्थान में कृषि विभाग और बीज क्षेत्र से जुड़े मामलों में हाल के महीनों में जांच और कार्रवाई भी हुई है। ACB की कार्रवाई में राजस्थान राज्य बीज निगम से जुड़े एक मामले में बड़ी नकदी बरामद होने की रिपोर्ट सामने आई थी; जांच एजेंसी ने मामले की जांच जारी रहने की बात कही थी।
अब मुख्य सवाल यही है कि 14.5 करोड़ रुपये की बीज खरीद में नियमों में बदलाव किस आधार पर किया गया, इससे किन फर्मों को लाभ या नुकसान हुआ और पूरी प्रक्रिया में निर्धारित सरकारी नियमों का कितना पालन हुआ। इन बिंदुओं पर संबंधित विभाग की आधिकारिक स्थिति और दस्तावेज सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।
संवाददाता – श्रवण पंवार, जयपुर
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