Category:
Crime (अपराध)
State:
Rajasthan
2026-10-03 02:25:48
जयपुर। राजस्थान में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से जुड़े कथित कमीशन मामले में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी है। मामला दिसंबर 2025 में एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था, जिसमें खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन विधायक अनीता जाटव और बयाना विधायक ऋतु बनावत पर विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे। संबंधित विधायकों ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष जांच समिति के सामने रखा है।
विधायक निधि में कथित कमीशन मामले की जांच जारी, तीनों विधायकों से दोबारा पूछताछ के बाद सबूतों की पड़ताल तेज
जयपुर। राजस्थान में विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से जुड़े कथित कमीशन मामले में जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी है। मामला दिसंबर 2025 में एक स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था, जिसमें खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन विधायक अनीता जाटव और बयाना विधायक ऋतु बनावत पर विधायक निधि से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप लगाए गए थे। संबंधित विधायकों ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष जांच समिति के सामने रखा है।
मामला सामने आने के बाद राजस्थान सरकार ने तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक निधि खातों को फ्रीज करने और उच्चस्तरीय समिति से जांच कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने प्रकरण को विधानसभा की सदाचार समिति के समक्ष भेजा था।
सदाचार समिति के सामने हुई दोबारा पेशी
19 दिसंबर 2025 को पहली पूछताछ के बाद तीनों विधायकों ने अपने पक्ष में दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए अलग-अलग समय मांगा था। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को तीनों विधायक दोबारा सदाचार समिति के सामने पेश हुए और अपने पक्ष से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए। समिति ने स्टिंग से संबंधित सामग्री तथा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों की जांच जारी रखने की बात कही।
समिति की प्रक्रिया में यह देखा जाना है कि सामने आए वीडियो, बातचीत, दस्तावेज और विधायक निधि से संबंधित सरकारी रिकॉर्ड के बीच क्या संबंध है। अंतिम निष्कर्ष समिति की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही सामने आएगा।
विधायक निधि के इस्तेमाल पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण ने विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों की अनुशंसा, स्वीकृति और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है। सरकार और विधानसभा स्तर पर जांच का उद्देश्य आरोपों से जुड़े तथ्यों को रिकॉर्ड के आधार पर परखना है।
वहीं, संबंधित विधायकों की ओर से अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया है और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। इसलिए मामले में किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच समिति की रिपोर्ट और आधिकारिक कार्रवाई का इंतजार महत्वपूर्ण रहेगा।
संवाददाता – श्रवण पंवार, जयपुर
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