Category:
Crime (अपराध)
State:
Rajasthan
2026-10-03 02:47:18
जयपुर। शहर के टोंक रोड स्थित राडो के शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की घड़ियों की चोरी ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। गुरुवार तड़के करीब 4:30 बजे बदमाशों का एक समूह शोरूम के बाहर पहुंचा और कुछ देर निगरानी करने के बाद लोहे की रॉड से शटर तोड़कर अंदर दाखिल हुआ। पुलिस के अनुसार वारदात में पांच से सात लोगों के शामिल होने की आशंका है। पर्दे की आड़ में तोड़ा शटर, दो बदमाश अंदर घुसे
टोंक रोड पर करोड़ों की घड़ियों की बड़ी चोरी, 251 लग्जरी वॉच ले गए बदमाश; घोड़ासन गैंग एंगल की भी जांच
जयपुर। शहर के टोंक रोड स्थित राडो के शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की घड़ियों की चोरी ने पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है। गुरुवार तड़के करीब 4:30 बजे बदमाशों का एक समूह शोरूम के बाहर पहुंचा और कुछ देर निगरानी करने के बाद लोहे की रॉड से शटर तोड़कर अंदर दाखिल हुआ। पुलिस के अनुसार वारदात में पांच से सात लोगों के शामिल होने की आशंका है।
पर्दे की आड़ में तोड़ा शटर, दो बदमाश अंदर घुसे
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार बदमाशों ने सड़क की ओर पर्दा लगाकर शटर तोड़ने की गतिविधि को छिपाने का प्रयास किया। शटर खुलने के बाद दो बदमाश अंदर गए, जबकि उनके साथी बाहर रहकर आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। अंदर मौजूद बदमाशों ने डिस्प्ले में रखी महंगी घड़ियों को बैगों में भरना शुरू कर दिया।
पुलिस के मुताबिक बदमाश करीब 36 मिनट तक शोरूम में रहे। फुटेज में उन्हें पांच बैगों में बड़ी संख्या में घड़ियां भरते देखा गया है। प्रारंभिक जानकारी में करीब 251 घड़ियों के चोरी होने की बात सामने आई है। चोरी गए माल की कीमत अलग-अलग प्रारंभिक आकलनों में करीब 2.5 करोड़ से 4 करोड़ रुपये या उससे अधिक बताई गई है; अंतिम राशि स्टॉक और मॉडल के मिलान के बाद स्पष्ट होगी।
DVR तलाशते रहे, म्यूजिक सिस्टम को समझ बैठे रिकॉर्डिंग मशीन
जांच में एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार बदमाशों को शोरूम में सीसीटीवी लगे होने की जानकारी थी और उन्होंने DVR तलाशने की कोशिश की। इसी दौरान वे म्यूजिक सिस्टम को DVR समझकर बाहर ले जाने लगे, लेकिन गलती का पता चलने पर उसे गेट के पास छोड़ दिया। सीसीटीवी सिस्टम सुरक्षित रहने के कारण पुलिस को वारदात की गतिविधियों और समयक्रम का महत्वपूर्ण फुटेज मिल गया।
घोड़ासन गैंग से संभावित कनेक्शन की जांच
पुलिस इस वारदात के तरीके की तुलना पहले हुई व्यावसायिक चोरी की घटनाओं से कर रही है। जांच में घोड़ासन गैंग से संभावित संबंध का एंगल भी देखा जा रहा है, हालांकि अभी तक पुलिस ने गैंग की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों के आने-जाने के रास्ते और आसपास के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।
अलग-अलग टीमें जांच में जुटीं
जयपुर पुलिस ने आरोपियों की पहचान और चोरी का माल बरामद करने के लिए अलग-अलग टीमें लगाई हैं। शोरूम के कर्मचारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ के साथ आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का फोकस बदमाशों की पहचान, उनके रूट और चोरी की गई घड़ियों की बरामदगी पर है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
NMS.NEWS — Navdhriti Manavadhikar Samachar