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Category: Education (शिक्षा)    State: Rajasthan

2026-10-03 02:49:00

छात्रों से मांगे जा रहे हैं समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान, तकनीक से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य तक नवाचार पर फोकस

युवाओं के आइडिया को मिलेगा बड़ा मंच: ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ में ₹10 लाख तक पुरस्कार, 24 अक्टूबर तक आवेदन

छात्रों से मांगे जा रहे हैं समाज की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान, तकनीक से लेकर शिक्षा-स्वास्थ्य तक नवाचार पर फोकस

जयपुर। देश के युवाओं और विद्यार्थियों को नए विचारों को वास्तविक समाधान में बदलने का अवसर देने के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’ शुरू किया गया है। शिक्षा मंत्रालय की इस पहल में स्कूल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर के विद्यार्थी तथा युवा नवाचारी हिस्सा ले सकते हैं। प्रतियोगिता में स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक और लागू किए जा सकने वाले समाधान प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया है।

24 अक्टूबर तक जमा किए जा सकेंगे आइडिया

आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण और आइडिया सबमिशन की अवधि 25 सितंबर से 24 अक्टूबर 2026 तक है। इसमें प्रतिभागियों को पांच प्रमुख क्षेत्रों—स्वच्छ एवं सतत भारत, समृद्ध अन्नदाता, स्वस्थ एवं समावेशी भारत, शिक्षित एवं कौशल भारत तथा सुरक्षित भारत—से जुड़ी समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।

तीन स्तरों पर भागीदारी

प्रतियोगिता में जूनियर, टेक्निकल और ओपन स्तर रखे गए हैं। जूनियर स्तर में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी, टेक्निकल स्तर में आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक विद्यार्थी तथा ओपन स्तर में स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थी शामिल हो सकते हैं। प्रतियोगिता में उत्पाद/तकनीकी समाधान के साथ-साथ बिजनेस मॉडल, सेवा वितरण और गवर्नेंस से जुड़े नवाचार भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

पहले पुरस्कार के रूप में ₹10 लाख

आधिकारिक चैलेंज पोर्टल के अनुसार प्रत्येक थीम में प्रथम पुरस्कार ₹10 लाख, द्वितीय ₹5 लाख और तृतीय ₹3 लाख रखा गया है। चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कार के अलावा विशेषज्ञ मार्गदर्शन, लैब एवं फैब्रिकेशन सुविधा, इन्क्यूबेशन और पायलट प्रोजेक्ट के लिए सहयोग मिलने का अवसर भी दिया जाएगा।

सिर्फ आइडिया नहीं, समाधान की उपयोगिता भी देखी जाएगी

चयन प्रक्रिया में समस्या की स्पष्टता, आइडिया की मौलिकता, तकनीकी एवं व्यावहारिक क्षमता, लागत, संभावित प्रभाव और बड़े स्तर पर लागू किए जाने की संभावना जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा। प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं के विचारों को केवल पुरस्कार तक सीमित रखने के बजाय उन्हें आगे प्रोटोटाइप, परीक्षण और वास्तविक उपयोग की दिशा में ले जाना है।

संस्थानों के माध्यम से होगा पंजीकरण

आधिकारिक पोर्टल के अनुसार भागीदारी संस्थान-आधारित है। स्कूल, आईटीआई, पॉलिटेक्निक या उच्च शिक्षण संस्थान का नामित समन्वयक संस्थान का पंजीकरण कर विद्यार्थियों के आइडिया नामांकित करता है।

संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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