Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-10-03 02:54:34
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के बीच चल रहा विवाद अब अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
राजस्थान कांग्रेस में अनुशासन विवाद तेज, विश्वेंद्र सिंह को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस
जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के बीच चल रहा विवाद अब अनुशासनात्मक कार्रवाई तक पहुंच गया है। कांग्रेस की अनुशासन समिति ने विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, यह नोटिस विश्वेंद्र सिंह द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा तथा पार्टी के जिला नेतृत्व को लेकर दिए गए बयानों और हालिया संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर जारी किया गया है। पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया है कि सिंह पार्टी के कुछ कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण बैठकों से दूर रहे तथा हालिया नगर निकाय चुनावों के दौरान संगठन के प्रत्याशियों के समर्थन और चुनावी गतिविधियों में अपेक्षित भूमिका नहीं निभाई।
नोटिस में भरतपुर नगर निगम के सभापति चुनाव सहित कुछ संगठनात्मक मामलों का भी उल्लेख किया गया है। कांग्रेस ने इन घटनाक्रमों को पार्टी अनुशासन से जोड़ते हुए सिंह से अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है। ये सभी आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं; इन पर विश्वेंद्र सिंह का अलग पक्ष भी सामने आया है।
विश्वेंद्र सिंह का पलटवार
नोटिस मिलने के बाद विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है और वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा मर्यादा और अनुशासन बनाए रखा है।
इस पूरे घटनाक्रम से पहले डोटासरा ने विश्वेंद्र सिंह को वरिष्ठ नेता बताते हुए उनके मुद्दों पर विचार करने की बात कही थी। इसके कुछ ही समय बाद कारण बताओ नोटिस जारी होने से मामला और चर्चा में आ गया। अब निगाहें विश्वेंद्र सिंह के जवाब और उसके बाद कांग्रेस अनुशासन समिति के अगले कदम पर हैं।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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