Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-10-03 02:55:27
जयपुर। राजस्थान में हाल ही में हुए निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान को लेकर संगठन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस ने विभिन्न निकायों से मिली शिकायतों और रिपोर्ट के आधार पर ऐसे पार्षदों की जानकारी जुटाई है, जिन पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के बजाय दूसरे उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के आरोप हैं। रिपोर्टों में ऐसे 346 पार्षदों का उल्लेख किया गया है।
निकाय चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर कांग्रेस का सख्त रुख, 346 पार्षदों पर कार्रवाई की तैयारी
जयपुर। राजस्थान में हाल ही में हुए निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग और पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान को लेकर संगठन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस ने विभिन्न निकायों से मिली शिकायतों और रिपोर्ट के आधार पर ऐसे पार्षदों की जानकारी जुटाई है, जिन पर पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के बजाय दूसरे उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के आरोप हैं। रिपोर्टों में ऐसे 346 पार्षदों का उल्लेख किया गया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग जिलों और निकायों से क्रॉस वोटिंग तथा संगठन के निर्देशों की अनदेखी की शिकायतें सामने आई हैं। इसके बाद प्रदेश स्तर पर संबंधित पार्षदों की भूमिका की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की बात कही है।
शिकायतों की होगी जांच
निकाय चुनाव में सामने आई शिकायतों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई है। भीलवाड़ा, पाली, भरतपुर सहित कई निकायों से टिकट वितरण, पार्टी के भीतर असंतोष और कथित भीतरघात से जुड़ी शिकायतें प्रदेश नेतृत्व तक पहुंची हैं। इन मामलों की तथ्यात्मक जांच के लिए नौ सदस्यीय कमेटी गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी करेंगे। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
पार्टी सिंबल पर जीत के बाद क्रॉस वोटिंग का मामला
कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा सवाल उन पार्षदों को लेकर है जो पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीतने के बाद अध्यक्ष या सभापति चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं करने के आरोपों से घिरे हैं। पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसे मामलों में जिला स्तर से रिपोर्ट लेकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर चल रही समीक्षा अब अनुशासनात्मक कार्रवाई की दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और संबंधित पार्षदों के जवाब के आधार पर पार्टी की ओर से अगला कदम सामने आ सकता है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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