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Category: Business (व्यापार)    State: Maharashtra

2026-10-03 02:58:43

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी जरूरी नहीं मानी जा रही है। उपलब्ध विश्लेषण के अनुसार, घरेलू तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ती लागत का दबाव जरूर है, लेकिन रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन तथा अन्य कारोबारी कारक स्थिति को कुछ हद तक संतुलित कर रहे हैं।

क्रूड 100 डॉलर के पार, फिर भी पेट्रोल-डीजल बढ़ाने की जरूरत नहीं: रिपोर्ट

जयपुर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने के बावजूद घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी जरूरी नहीं मानी जा रही है। उपलब्ध विश्लेषण के अनुसार, घरेलू तेल विपणन कंपनियों पर बढ़ती लागत का दबाव जरूर है, लेकिन रिफाइनिंग और मार्केटिंग मार्जिन तथा अन्य कारोबारी कारक स्थिति को कुछ हद तक संतुलित कर रहे हैं।

हाल के दिनों में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार करता रहा है। 30 सितंबर को ब्रेंट का नवंबर अनुबंध 103.50 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। हालांकि, 2 अक्टूबर को G7 देशों द्वारा आपात भंडार से करीब 10 करोड़ बैरल कच्चा तेल और डीजल जारी करने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में कुछ नरमी के संकेत मिले हैं।

तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव

क्रूड महंगा होने से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर तेल विपणन कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। सितंबर में कुछ विश्लेषणों में पेट्रोल पर करीब ₹5 और डीजल पर ₹20 से अधिक प्रति लीटर के नकारात्मक मार्जिन का अनुमान लगाया गया था।

वहीं, 1 अक्टूबर को पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने निजी ईंधन विक्रेताओं द्वारा पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित करने की व्यवस्था खत्म करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का जोर देशभर में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने पर है।

दिल्ली में कीमतें स्थिर

सरकारी PPAC के आंकड़ों के अनुसार 1 अक्टूबर को दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर था। 3 अक्टूबर को भी दिल्ली पेट्रोल की कीमत ₹102.12 प्रति लीटर दर्ज की गई।

जानकारों के मुताबिक आगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रूड, रुपये की विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत और घरेलू तेल कंपनियों के मार्जिन पर निर्भर करेगी। ऐसे में केवल क्रूड के 100 डॉलर के पार जाने को तत्काल घरेलू ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा संकेत नहीं माना जा सकता।

संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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