Category:
Business (व्यापार)
State:
Rajasthan
2026-10-12 05:00:47
राजस्थान में व्रत की सामग्री के दाम बढ़ने से बजट पर दबाव; रिपोर्ट में प्याज की कीमतों में 66% और गुड़ में 42% तक बढ़ोतरी का उल्लेख**
# नवरात्रि में व्रत रखना भी महंगा: फलाहार की थाली 22% तक महंगी, 10 दिनों में ₹225 अतिरिक्त खर्च का अनुमान
**राजस्थान में व्रत की सामग्री के दाम बढ़ने से बजट पर दबाव; रिपोर्ट में प्याज की कीमतों में 66% और गुड़ में 42% तक बढ़ोतरी का उल्लेख**
**जयपुर, राजस्थान | संवाददाता श्रवण पंवार | NMS.NEWS**
नवरात्रि में व्रत रखने वाले परिवारों के लिए इस बार महंगाई का असर फलाहार की थाली पर भी दिखाई दे रहा है। बाजार में मखाना, साबूदाना, फल, कुट्टू-सिंघाड़े का आटा और अन्य खाद्य सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी से व्रत का खर्च बढ़ गया है। समाचार पत्र में प्रकाशित कीमतों की तुलना के अनुसार, फलाहार की एक दिन की थाली का अनुमानित खर्च पिछले साल के करीब ₹100.73 से बढ़कर इस साल ₹123.20 हो गया है। यानी रोजाना लगभग ₹22.47 अधिक खर्च हो सकता है। दस दिन के हिसाब से यह अंतर करीब ₹225 बैठता है।
### मखाना, साबूदाना और फल भी हुए महंगे
रिपोर्ट में दी गई कीमतों के मुताबिक, 50 ग्राम मखाने की कीमत ₹37.50 से बढ़कर ₹50 हो गई। 100 ग्राम साबूदाना ₹8 से ₹9.50, फल की निर्धारित मात्रा ₹19.50 से ₹22.50 और दो केले ₹8.33 से बढ़कर ₹10 के आसपास बताए गए हैं। वहीं, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की 50 ग्राम मात्रा और फलाहारी नमकीन की कीमत में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इन छोटी-छोटी बढ़ोतरी का असर तब ज्यादा महसूस होता है, जब परिवार लगातार कई दिनों तक व्रत रखता है और रोजाना फलाहार तैयार करता है।
### प्याज और गुड़ की कीमतों में भी बड़ी बढ़ोतरी का दावा
समाचार पत्र की रिपोर्ट में राजस्थान में प्याज के दाम में लगभग 66 प्रतिशत और गुड़ में करीब 42 प्रतिशत वृद्धि का उल्लेख किया गया है। हालांकि, ये आंकड़े किस बाजार, अवधि और मूल्य-सर्वेक्षण पर आधारित हैं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। स्थानीय बाजार में कीमतें शहर, गुणवत्ता, आपूर्ति और खरीदारी के स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।
### आम परिवारों के बजट पर बढ़ रहा दबाव
त्योहारों के दौरान घरों में पूजा-पाठ और व्रत के लिए विशेष सामग्री खरीदी जाती है। ऐसे में खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से घरेलू बजट प्रभावित होता है। जिन परिवारों में कई सदस्य व्रत रखते हैं, उनके लिए कुल खर्च और अधिक हो सकता है। खरीदारों को सलाह है कि खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर कीमतों की तुलना करें और जरूरत के अनुसार सामग्री लें।
### महंगाई पर नजर रखना जरूरी
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बदलाव को समझने के लिए स्थानीय बाजार के भाव और सरकारी मूल्य आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। राजस्थान सरकार का आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय मूल्य-संबंधी आंकड़े प्रकाशित करता है। वहीं, क्रिसिल की सितंबर 2026 की रिपोर्ट में भी प्याज, खाद्य तेल और एलपीजी की कीमतों को घरेलू भोजन की लागत पर असर डालने वाले कारकों में शामिल किया गया है।
**NMS.NEWS की रिपोर्ट:** नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व पर फलाहार की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के खर्च को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, दस दिनों में ₹225 अतिरिक्त खर्च का आंकड़ा समाचार पत्र में दी गई अनुमानित थाली-लागत पर आधारित है; वास्तविक खर्च परिवार की मात्रा और बाजार भाव के अनुसार अलग हो सकता है।
**संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर**
**Navdhriti Manavadhikar Samachar | NMS.NEWS**
*सच. साहस. न्याय की खबर।*
आधिकारिक मूल्य आंकड़ों के लिए [राजस्थान सरकार का मूल्य सांख्यिकी पोर्टल](https://psr.rajasthan.gov.in/home.aspx/Bulletins.aspx) और भोजन की लागत पर पृष्ठभूमि के लिए [क्रिसिल की सितंबर 2026 थाली लागत रिपोर्ट](https://www.crisil.com/en/homepage/what-we-think/all-our-thinking/reports/2026/09/roti-rice-rate-september2026.html) देखी जा सकती है।