Category:
Court (न्यायालय)
State:
Rajasthan
2026-08-25 08:58:05
जयपुर। राजस्थान में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों की ओर से व्यापक अध्ययन की तैयारी की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हर साल 5 हजार से अधिक आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। इस गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य समस्या के कारणों को समझने और रोकथाम के प्रभावी उपाय तलाशने के लिए अस्पताल स्तर पर शोध किया जाएगा।
राजस्थान में बढ़ते आत्महत्या मामलों पर अब गहन रिसर्च, SMS-RUHS समेत 4 अस्पतालों में होगा अध्ययन
जयपुर। राजस्थान में आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर अब स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा विशेषज्ञों की ओर से व्यापक अध्ययन की तैयारी की जा रही है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में हर साल 5 हजार से अधिक आत्महत्या के मामले सामने आते हैं। इस गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य समस्या के कारणों को समझने और रोकथाम के प्रभावी उपाय तलाशने के लिए अस्पताल स्तर पर शोध किया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक SMS अस्पताल, RUHS सहित प्रदेश के चार अस्पतालों में आत्महत्या से जुड़े मामलों का अध्ययन किया जाएगा। रिसर्च में आत्महत्या के पीछे सामाजिक, मानसिक, पारिवारिक और अन्य संभावित कारणों का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि जोखिम वाले लोगों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रोकथाम के लिए तैयार होगी रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि आत्महत्या की घटनाओं को केवल चिकित्सा समस्या के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसके पीछे मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियां, आर्थिक दबाव, सामाजिक तनाव और अन्य कई कारण हो सकते हैं। प्रस्तावित शोध से इन कारणों का वैज्ञानिक तरीके से आकलन कर आत्महत्या रोकथाम के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शोध से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अस्पतालों में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने तथा जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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