Category:
Politics (राजनीति)
State:
Rajasthan
2026-06-24 10:06:26
मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गों तक दिखी आस्था की मिसाल, हजारों श्रद्धालुओं ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा
7 जुलाई के ऐतिहासिक जुलूस में उमड़ा जनसैलाब, ‘याहुसैन’ की सदाओं से गूंजा शहर
मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गों तक दिखी आस्था की मिसाल, हजारों श्रद्धालुओं ने निभाई सदियों पुरानी परंपरा
जयपुर | संवाददाता श्रवण पंवार | NMS.NEWS
जयपुर में मोहर्रम की सातवीं तारीख को निकाले गए पारंपरिक जुलूस में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से निकले अखाड़ों, ताजियों और मातमी दस्तों ने पुरानी परंपराओं को जीवंत करते हुए श्रद्धा और अनुशासन का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। जुलूस मार्ग पर सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होने लगे और पूरा क्षेत्र ‘याहुसैन’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
जुलूस में शामिल युवाओं ने पारंपरिक करतबों, लाठीबाजी एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक सड़क किनारे मौजूद रहे। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सहभागिता ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक अवसर नहीं बल्कि त्याग, बलिदान, मानवता और सत्य के लिए संघर्ष की प्रेरणा का प्रतीक है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हर वर्ष यह परंपरा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।
प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस मार्ग पर यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा बलों की तैनाती के चलते कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
स्थानीय नागरिकों ने भी जुलूस का स्वागत करते हुए जगह-जगह पेयजल एवं सेवा शिविर लगाए। श्रद्धालुओं ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मानवता, भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
संवाददाता: श्रवण पंवार
स्थान: जयपुर, राजस्थान
प्रकाशन: NMS.NEWS
दिनांक: 24 जून 2026, बुधवार