News Details | Navdhriti Manavadhikar Samachar
LIVE UPDATES
Loading fresh updates...
NMS NEWS JAIPUR

Reporter

Category: General    State: Delhi

2026-05-27 08:30:41

तापमान बढ़ने से बागवानी पर संकट, सही देखभाल से पौधों को रखा जा सकता है सुरक्षित

भीषण गर्मी में पौधों को बचाने के आसान उपाय, विशेषज्ञों ने दी खास सलाह

तापमान बढ़ने से बागवानी पर संकट, सही देखभाल से पौधों को रखा जा सकता है सुरक्षित

जयपुर | संवाददाता श्रवण पंवार | NMS NEWS

प्रदेश में लगातार बढ़ती गर्मी और तेज धूप का असर अब घरों और बगीचों में लगे पौधों पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने से पौधे सूखने और झुलसने लगे हैं। ऐसे में कृषि और बागवानी विशेषज्ञों ने लोगों को पौधों की सही देखभाल के लिए जरूरी सुझाव दिए हैं, ताकि भीषण गर्मी में हरियाली को बचाया जा सके।

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में छोटे पौधों और गमलों को पास-पास रखने से वातावरण में नमी बनी रहती है, जिससे पौधों को गर्म हवाओं से राहत मिलती है। वहीं जिन पौधों को सीधे धूप से नुकसान पहुंचता है, उन्हें ग्रीन नेट या छायादार स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि शाम के समय पौधों की पत्तियों पर हल्का पानी छिड़कने से धूल साफ होती है और पौधों को ठंडक मिलती है। हालांकि दोपहर में पानी डालने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि गर्म मिट्टी में अचानक पानी जाने से जड़ों को नुकसान हो सकता है।

विशेषज्ञों ने “मल्चिंग तकनीक” को भी बेहद उपयोगी बताया है। इसके तहत सूखी पत्तियों, नारियल के छिलकों या घास की परत मिट्टी पर बिछाने से नमी लंबे समय तक बनी रहती है और पौधों को कम पानी में भी राहत मिलती है। इसके अलावा मिट्टी के घड़े से धीमी सिंचाई और डबल पॉटिंग तकनीक को भी प्रभावी माना जा रहा है।

बागवानी विशेषज्ञों ने रासायनिक खाद के बजाय जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग की सलाह दी है। उनका कहना है कि अधिक गर्मी में रासायनिक खाद पौधों को नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि जैविक खाद मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करती है।

पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के बीच पौधों और पेड़ों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। यदि लोग छोटे-छोटे उपाय अपनाएं तो घरों, बगीचों और शहरों की हरियाली को सुरक्षित रखा जा सकता है।

— संवाददाता श्रवण पंवार, जयपुर | NMS NEWS
Old Archives & News

Looking for our older reports or missed stories from the past?

View Old News