Category:
Education (शिक्षा)
State:
Delhi
2026-07-16 10:40:00
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में सामने आई शिकायतों पर सर्वोच्च न्यायालय गंभीर, मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्रहितैषी बनाने के निर्देश।
ओएमआर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: छात्रों की परेशानी पर मांगा जवाब, CBSE से विस्तृत रिपोर्ट तलब
ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में सामने आई शिकायतों पर सर्वोच्च न्यायालय गंभीर, मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्रहितैषी बनाने के निर्देश।
नई दिल्ली/जयपुर | संवाददाता: श्रवण पंवार | NMS.NEWS
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया की खामियों का सबसे अधिक प्रभाव विद्यार्थियों पर पड़ता है और उनकी मानसिक स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने केंद्र सरकार और CBSE से पूछा कि छात्रों की शिकायतों के समाधान के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। न्यायालय ने अगली सुनवाई तक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मूल्यांकन प्रणाली में सुधार की दिशा स्पष्ट हो सके।
याचिका में ऑन-स्क्रीन मार्किंग के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने, उच्चस्तरीय निगरानी समिति गठित करने तथा प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को न्यूनतम अंकों की अनिवार्यता जैसे प्रावधानों में उचित राहत देने की मांग भी उठाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विद्यार्थियों का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक कमी सामने आती है, तो उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायालय की यह पहल लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए राहतकारी साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें CBSE की अगली रिपोर्ट और न्यायालय के आगामी निर्देशों पर टिकी हैं।
संवाददाता:
श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS