Category:
Agriculture (कृषि)
State:
Tamil Nadu
2026-07-16 10:50:15
पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और सामुदायिक भागीदारी से तमिलनाडु के कई गांवों में आई हरियाली की नई मिसाल।
एक किसान का हरित संकल्प बना जनआंदोलन: 10 वर्षों में लाखों पौधों से बदली गांवों की तस्वीर
पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और सामुदायिक भागीदारी से तमिलनाडु के कई गांवों में आई हरियाली की नई मिसाल।
जयपुर/तिरुपुर (तमिलनाडु) | संवाददाता: श्रवण पंवार | NMS.NEWS
तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में एक किसान की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता आज देशभर के लिए प्रेरणा बन गई है। लगभग एक दशक पहले शुरू हुआ पौधारोपण अभियान अब व्यापक जनभागीदारी का रूप ले चुका है, जिसने कई गांवों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जानकारी के अनुसार किसान एम. संपत कुमार ने वर्ष 2015 में ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण के उद्देश्य से अभियान शुरू किया। उनके नेतृत्व में लाखों ताड़ (पाम) के बीज बोए गए तथा दो लाख से अधिक पौधे ग्रामीणों के बीच निःशुल्क वितरित किए गए। इस अभियान से हजारों लोगों ने जुड़कर वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया।
अभियान के अंतर्गत तालाबों और जलाशयों के आसपास विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिससे हरित क्षेत्र का विस्तार हुआ और भूजल संरक्षण को भी बल मिला। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों के लिए दीर्घकालिक समाधान साबित हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते वर्षों में हरियाली बढ़ने के साथ कई जल स्रोतों के पुनर्जीवन में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। यह पहल सामुदायिक सहयोग, पर्यावरण जागरूकता और सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देशभर में इसी प्रकार जनसहभागिता के साथ वृक्षारोपण और जल संरक्षण अभियान चलाए जाएं, तो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।
संवाददाता:
श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS