Category:
Apps (ऐप्स)
State:
Delhi
2026-07-24 03:47:52
लाखों सिम और मोबाइल नंबर ब्लॉक होने के बावजूद साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद, ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था से पीड़ितों को मिलेगी त्वरित राहत।
साइबर अपराध पर शिकंजा कसा, फिर भी ठगी का ग्राफ चिंताजनक; हजारों शिकायतों में करोड़ों की ठगी
लाखों सिम और मोबाइल नंबर ब्लॉक होने के बावजूद साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद, ई-जीरो एफआईआर व्यवस्था से पीड़ितों को मिलेगी त्वरित राहत।
जयपुर | संवाददाता श्रवण पंवार | NMS.NEWS
राजस्थान में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन ऑनलाइन ठगी के मामलों में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में लाखों फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए हैं, फिर भी साइबर ठग नई तकनीकों और नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार साइबर ठगी से जुड़े मामलों में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। बड़ी संख्या में नागरिक ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग धोखाधड़ी, ओटीपी और केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अपराधी लगातार अपनी कार्यशैली बदल रहे हैं, जिससे लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राजस्थान पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर प्रणाली लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस व्यवस्था के तहत एक निश्चित राशि से अधिक की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज होते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जा सकेगी। साथ ही हेल्पलाइन और डिजिटल शिकायत प्रणाली को भी अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक खाते, यूपीआई पिन या व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते राशि रिकवर करने की संभावना बढ़ सके।
— संवाददाता: श्रवण पंवार, जयपुर | NMS.NEWS