Category:
Jobs (नौकरियाँ)
State:
Delhi
2026-08-23 02:53:31
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में स्वीकृत पदों और कार्यरत कर्मचारियों के बीच बढ़ता अंतर अब प्रशासनिक व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 4.21 लाख पद रिक्त थे, जो वर्ष 2024 तक बढ़कर 8.24 लाख के आसपास पहुंच गए। यानी एक दशक में रिक्त पदों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई।
केंद्र सरकार में खाली पदों का बढ़ता आंकड़ा: एक दशक में 4.21 लाख से बढ़कर 8.24 लाख पहुंची रिक्तियां
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में स्वीकृत पदों और कार्यरत कर्मचारियों के बीच बढ़ता अंतर अब प्रशासनिक व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2015 में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में करीब 4.21 लाख पद रिक्त थे, जो वर्ष 2024 तक बढ़कर 8.24 लाख के आसपास पहुंच गए। यानी एक दशक में रिक्त पदों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई।
रेलवे और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में भी बड़ी कमी
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में रेलवे में करीब 2.40 लाख पद रिक्त थे, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी रिक्तियों का आंकड़ा बढ़कर लगभग 16 प्रतिशत तक पहुंच गया। डाक विभाग, राजस्व, रक्षा से जुड़े विभागों और अन्य मंत्रालयों में भी स्वीकृत पदों की तुलना में कर्मचारियों की कमी दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक बड़ी संख्या में पद खाली रहने से मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ता है और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी प्रभावित हो सकती है। खासकर रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा, राजस्व और नागरिक सेवाओं जैसे सीधे जनता से जुड़े क्षेत्रों में पर्याप्त मानव संसाधन जरूरी है।
आउटसोर्सिंग बढ़ने पर भी उठे सवाल
रिपोर्ट में सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के बढ़ते चलन का भी उल्लेख है। कई विभागों में नियमित पदों के बजाय ठेके या आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों से काम लिया जा रहा है। इससे सरकार के सामने एक ओर रिक्त पदों को भरने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर स्थायी रोजगार और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया तेज करने की जरूरत
सरकारी विभागों में रिक्तियों का बढ़ता आंकड़ा यह संकेत देता है कि केवल नए पद स्वीकृत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समयबद्ध भर्ती, विभागवार रिक्तियों की नियमित समीक्षा और लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करना भी जरूरी है। युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक तंत्र को पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।
NMS.NEWS विश्लेषण: केंद्र सरकार के सामने चुनौती केवल रिक्त पद भरने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि महत्वपूर्ण विभागों में सही संख्या में प्रशिक्षित कर्मचारी समय पर उपलब्ध हों। आने वाले समय में भर्ती कैलेंडर और विभागवार रिक्तियों पर सरकार के फैसले युवाओं और प्रशासन—दोनों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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