Category:
Local News (स्थानीय समाचार)
State:
Rajasthan
2026-08-24 03:57:32
जयपुर के बजाज नगर थाना पुलिस ने नकली नोटों के एक मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब ₹4.30 लाख की नकली करेंसी बरामद हुई। जांच में सामने आया कि नोटों की गुणवत्ता इतनी बेहतर थी कि शुरुआती जांच में मशीन भी इन्हें पकड़ नहीं सकी।
नकली नोटों का ‘हाईटेक खेल’ बेनकाब: मशीन भी नहीं पकड़ पाई जाली करेंसी, गांधीजी की तस्वीर ने खोला राज
जयपुर | संवाददाता श्रवण पंवार
जयपुर के बजाज नगर थाना पुलिस ने नकली नोटों के एक मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से करीब ₹4.30 लाख की नकली करेंसी बरामद हुई। जांच में सामने आया कि नोटों की गुणवत्ता इतनी बेहतर थी कि शुरुआती जांच में मशीन भी इन्हें पकड़ नहीं सकी।
पुलिस जांच के मुताबिक नकली नोटों में असली करेंसी जैसी कई सुरक्षा विशेषताएं हूबहू तैयार करने का प्रयास किया गया था। हालांकि, वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और सीरियल नंबर की बारीकी से जांच के दौरान नोटों पर संदेह गहराया। बाद की जांच में इन्हें नकली पाया गया।
🔍 गांधीजी की तस्वीर और वॉटरमार्क से खुला राज
जांच में सामने आया कि असली नोट में मौजूद गांधीजी की तस्वीर और वॉटरमार्क रोशनी में स्पष्ट दिखाई देते हैं, जबकि बरामद नकली नोटों में इनकी गुणवत्ता और बनावट अलग थी। नोट को तिरछा करने पर रंग बदलने और माइक्रो लेटरिंग जैसी सुरक्षा विशेषताओं में भी अंतर पाया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां तैयार किए गए और इन्हें जयपुर तक पहुंचाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में आरोपियों के नेटवर्क, नकली करेंसी की सप्लाई और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
🤝 जेल में शुरू हुई दोस्ती, बाहर आकर नकली नोटों का नेटवर्क
जांच में एक अन्य कड़ी कोलकाता और सुनारिया जेल से जुड़ती बताई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के बीच जेल के दौरान संपर्क बना और बाद में इसी नेटवर्क के जरिए नकली नोटों के कारोबार को आगे बढ़ाने की योजना बनी।
पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नकली नोटों के स्रोत, छपाई और वितरण चैनल तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
⚠️ आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बड़ी रकम के लेनदेन में नोटों की सुरक्षा विशेषताओं की जांच करें। संदिग्ध नोट मिलने पर उसे आगे चलाने के बजाय तत्काल बैंक या पुलिस को सूचना दें।
नोट: नकली नोटों की पहचान के लिए केवल मशीन पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं माना जा सकता; वॉटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड, माइक्रो लेटरिंग और अन्य सुरक्षा विशेषताओं की भी जांच जरूरी है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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