Category:
Health (स्वास्थ्य)
State:
Rajasthan
2026-08-25 08:42:40
जयपुर। राजस्थान के जैक लोन अस्पताल में बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की खरीद और वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में बच्चों के नाम पर दवाओं की गड़बड़ी कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। करीब डेढ़ साल की अवधि में लगभग ₹3 करोड़ की अनियमितता सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जैक लोन में बच्चों के नाम पर दवा खरीद का खेल! कागजों में फर्जी मरीज, डेढ़ साल में ₹3 करोड़ की गड़बड़ी का खुलासा
जयपुर। राजस्थान के जैक लोन अस्पताल में बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की खरीद और वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में बच्चों के नाम पर दवाओं की गड़बड़ी कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है। करीब डेढ़ साल की अवधि में लगभग ₹3 करोड़ की अनियमितता सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन बच्चों को अस्पताल में भर्ती तक नहीं किया गया, उनके नाम पर भी दवाएं जारी किए जाने के आरोप हैं। कुछ मामलों में एक ही बच्चे के नाम पर निर्धारित मात्रा से कई गुना अधिक दवाएं सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। जांच के दौरान दवा स्टॉक, मरीजों के रिकॉर्ड और सप्लाई संबंधी दस्तावेजों में भी अंतर पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
जांच टीम के पहुंचने के बाद खुली परतें
18 अगस्त को ड्रग विभाग की टीम अस्पताल पहुंची। रिपोर्ट में बताया गया कि जांच टीम ने दवा वितरण एवं खरीद से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। जांच के दौरान अस्पताल प्रशासन तथा दवा आपूर्ति व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से भी जानकारी ली गई।
मामले में सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन मरीजों का रिकॉर्ड वास्तविक रूप से मौजूद नहीं था, उनके नाम पर दवाओं की एंट्री कैसे हुई और दवाएं कहां गईं? यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी स्वास्थ्य योजना के साथ-साथ मरीजों के अधिकारों से भी जुड़ा गंभीर मामला होगा।
कागजों में खपत, स्टॉक में दवाओं की कमी
जांच में कथित तौर पर कुछ दवाओं की खपत कागजों में दिखाई गई, जबकि वास्तविक स्टॉक में उनका मिलान नहीं हो पाया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ दवाओं की खरीद और वितरण प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर गड़बड़ी की आशंका सामने आई है।
अब जांच का मुख्य फोकस दवा खरीद, स्टॉक रजिस्टर, मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड, बिल-वाउचर और सप्लाई चेन पर है। इन दस्तावेजों के मिलान से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितता किस स्तर पर हुई और इसमें कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
जिम्मेदारी तय होने पर होगी कार्रवाई
मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ स्वास्थ्य विभाग और संबंधित जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। यदि दस्तावेजी जांच में फर्जी मरीजों के नाम पर दवाओं की खरीद अथवा सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और सप्लायर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
NMS.NEWS की नजर इस मामले की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर बनी रहेगी।
संवाददाता — श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS
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