Category:
Court (न्यायालय)
State:
Rajasthan
2026-08-25 08:49:40
जयपुर। पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के सेफ्टी कॉरिडोर और सरकारी जमीन पर बने मकान-दुकानों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने चिन्हित 429 अतिक्रमणकारियों से जवाब तलब करते हुए संबंधित अधिकारियों से भी निर्माण की अनुमति और निगरानी व्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
हाईटेंशन लाइन सेफ्टी कॉरिडोर में बने 429 मकान-दुकानों पर हाईकोर्ट सख्त, पूछा—सरकारी जमीन पर निर्माण की अनुमति कैसे मिली?
जयपुर। पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के सेफ्टी कॉरिडोर और सरकारी जमीन पर बने मकान-दुकानों को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने चिन्हित 429 अतिक्रमणकारियों से जवाब तलब करते हुए संबंधित अधिकारियों से भी निर्माण की अनुमति और निगरानी व्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
मामले में सामने आया कि पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के दोनों ओर तथा प्रस्तावित 60 फीट चौड़े सेक्टर रोड की जमीन पर भी कई निर्माण किए गए हैं। जेडीए की ओर से तैयार सूची में पीतांबर नगर एक्सटेंशन, शक्ति नगर, बाबा रामदेव नगर, गजसिंहपुरा और जानकी विहार सहित कई क्षेत्रों के नाम शामिल बताए गए हैं।
नोटिस की कार्रवाई शुरू
कोर्ट के निर्देश के बाद जेडीए ने चिन्हित मकान-दुकान मालिकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित पक्षों को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने जिस जमीन पर निर्माण किया है, उस पर उनका वैध अधिकार किस आधार पर है और निर्माण के लिए कौन-सी अनुमति प्राप्त की गई थी।
अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
हाईकोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि कई निर्माण उस समय हुए, जब संबंधित क्षेत्रों में जेडीए के प्रवर्तन अधिकारी और जोन उपायुक्त तैनात थे। ऐसे में सरकारी भूमि, सड़क और हाईटेंशन लाइन के सुरक्षा क्षेत्र में निर्माण कैसे होने दिए गए, इस पर भी जवाब मांगा गया है।
सोसायटियों और प्लॉट खरीदारों पर भी नजर
मामले में यह भी सामने आया कि कुछ सोसायटियों द्वारा कॉरिडोर और सड़क की जमीन से जुड़े हिस्सों में प्लॉट काटकर बेचे जाने के आरोप हैं। अब संबंधित खरीदारों और निर्माणकर्ताओं से भी दस्तावेज एवं भूमि अधिकार का विवरण मांगा जा सकता है।
अगली सुनवाई 1 सितंबर को प्रस्तावित है, जिसमें संबंधित पक्षों के जवाब और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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