Category:
Health (स्वास्थ्य)
State:
Rajasthan
2026-09-06 11:54:16
नाहटा अस्पताल में रंग-रोगन के बाद भी व्यवस्थाओं पर सवाल, मरीजों को कथित बिचौलियों से परेशानी
बालोतरा।
शहर के राजकीय नाहटा जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल भवन का रंग-रोगन कर परिसर को नया रूप देने के बावजूद मरीजों को सुविधाओं और व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानियों का सामना करने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय स्तर पर अस्पताल परिसर में कथित रूप से सक्रिय बिचौलियों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। �
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स्थानीय शिकायतों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों से कथित तौर पर कुछ लोग ओपीडी पर्ची जल्दी बनवाने, डॉक्टर को जल्दी दिखाने या जांच की सुविधा दिलाने के नाम पर संपर्क करते हैं। इसके बाद मरीजों को सरकारी जांच सुविधाओं के बजाय निजी लैब अथवा सोनोग्राफी सेंटरों की ओर भेजे जाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गरीब मरीजों पर बढ़ सकता है आर्थिक बोझ
सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए ऐसी स्थिति परेशानी का कारण बन सकती है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि मरीजों को सरकारी सुविधाओं की जानकारी के बजाय निजी जांच केंद्रों की ओर भेजा जाता है तो इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार केवल भवन के रंग-रोगन से नहीं, बल्कि मरीजों को पारदर्शी और सुचारु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से दिखाई देगा।
अस्पताल प्रशासन से जांच की मांग
मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन से मांग की गई है कि परिसर में मरीजों से संपर्क करने वाले संदिग्ध बिचौलियों की गतिविधियों की जांच की जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि मरीजों को सरकारी जांच एवं उपचार सुविधाओं का लाभ किस प्रकार मिल रहा है।
रिपोर्ट में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश चौधरी से भी शिकायतों का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग का उल्लेख है। �
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स्थानीय लोगों की मांग है कि नाहटा अस्पताल में मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जाए, ताकि इलाज के लिए आने वाले जरूरतमंद लोगों को किसी तरह की अनावश्यक परेशानी या अतिरिक्त आर्थिक भार का सामना न करना पड़े।
संवाददाता:
श्रवण पंवार, जयपुर
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