Category:
Business (व्यापार)
State:
Rajasthan
2026-08-25 08:51:46
जयपुर। आयकर विभाग की जांच में जयपुर के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय जांच के दौरान करीब 40 फर्जी कंपनियों और शेल कंपनियों के नाम पर जारी किए गए 3,168 टैक्स सर्टिफिकेट सामने आए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर करीब 2,395 करोड़ रुपये की राशि विदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
40 फर्जी कंपनियों के जरिए 2,395 करोड़ रुपये विदेश भेजने का खुलासा, सीए के खिलाफ मुकदमा दर्ज
जयपुर। आयकर विभाग की जांच में जयपुर के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। विभागीय जांच के दौरान करीब 40 फर्जी कंपनियों और शेल कंपनियों के नाम पर जारी किए गए 3,168 टैक्स सर्टिफिकेट सामने आए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर करीब 2,395 करोड़ रुपये की राशि विदेश भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2023-24 के बीच इन कंपनियों के नाम पर बड़ी संख्या में फॉर्म 15सीबी/संबंधित प्रमाणपत्र जारी किए गए। आयकर विभाग को संदेह है कि इन प्रमाणपत्रों के माध्यम से विदेश भेजी गई रकम के वास्तविक लेनदेन और उद्देश्य को छिपाने का प्रयास किया गया।
40 कंपनियों की जांच में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
विभागीय सर्वे के दौरान दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि कई कंपनियों के नाम पर बड़ी रकम के रेमिटेंस प्रमाणित किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, केवल दो नामों के माध्यम से ही 185.39 करोड़ रुपये की रेमिटेंस दर्ज होने की बात सामने आई, जबकि कुल संबंधित कंपनियों में करीब 77.4 प्रतिशत रकम दो प्रमुख नामों के जरिए विदेश भेजे जाने का उल्लेख है।
दस्तावेजों के सत्यापन पर उठे गंभीर सवाल
आयकर अधिकारियों के अनुसार विदेश में रकम भेजने से पहले जारी किए जाने वाले टैक्स सर्टिफिकेट में लेनदेन, भुगतान का उद्देश्य और कर संबंधी जानकारी महत्वपूर्ण होती है। जांच में इन प्रमाणपत्रों और वास्तविक लेनदेन के बीच कथित विसंगतियों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं।
मामले में आयकर विभाग की ओर से सीए अभिषेक जैन के खिलाफ कथित धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। विभाग अब फर्जी कंपनियों, उनके बैंक खातों, दस्तावेजों और विदेश भेजी गई रकम के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रहा है।
अब आगे क्या?
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन कंपनियों का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था, विदेश भेजी गई रकम का अंतिम लाभार्थी कौन है और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही। मामले में आगे और नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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