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Category: Crime (अपराध)    State: Maharashtra

2026-08-26 02:29:50

मुंबई। देश में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ने के बावजूद नकदी की मांग कम नहीं हुई है। पिछले कुछ वर्षों में देश में एटीएम की संख्या में करीब 5 हजार की कमी आई है, लेकिन इसके समानांतर बाजार में नकदी का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।

ATM घटे करीब 5 हजार, फिर भी नकदी का दबदबा कायम; बाजार में ₹43 लाख करोड़ से ज्यादा कैश

मुंबई। देश में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ने के बावजूद नकदी की मांग कम नहीं हुई है। पिछले कुछ वर्षों में देश में एटीएम की संख्या में करीब 5 हजार की कमी आई है, लेकिन इसके समानांतर बाजार में नकदी का स्तर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है।

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, जून 2023 में देश में करीब 2.59 लाख एटीएम थे, जो मई 2026 तक घटकर करीब 2.54 लाख रह गए। जुलाई 2021 से मार्च 2023 के बीच एटीएम की संख्या में करीब 19 हजार की बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन इसके बाद एटीएम नेटवर्क में कमी का दौर देखने को मिला।

₹43.17 लाख करोड़ तक पहुंची नकदी

एटीएम की संख्या घटने के बावजूद देश में नकदी का चलन मजबूत बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 15 जून तक करेंसी इन सर्कुलेशन करीब ₹43.17 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसमें सालाना आधार पर लगभग 12.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

डिजिटल पेमेंट बढ़ा, लेकिन कैश की जरूरत बरकरार

विशेषज्ञों के मुताबिक एटीएम की संख्या घटने की प्रमुख वजहों में UPI और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों का तेजी से विस्तार, एटीएम संचालन और रखरखाव की लागत तथा बैंक शाखाओं से बाहर एटीएम नेटवर्क में बदलाव शामिल हैं। इसके बावजूद रोजमर्रा के खर्च, छोटे कारोबार और ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों में नकदी की जरूरत अभी भी बनी हुई है।

बैंकों के ऑफसाइट ATM में भी कमी

आंकड़ों के अनुसार 2023 की तुलना में 2024 के अंत तक सरकारी बैंकों के ऑनसाइट एटीएम 78,777 से घटकर 77,033 और ऑफसाइट एटीएम 59,646 से घटकर 57,661 रह गए। वहीं निजी बैंकों के ऑनसाइट एटीएम की संख्या बढ़ी, लेकिन उनके ऑफसाइट एटीएम में कमी दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, लेकिन नकदी और डिजिटल भुगतान फिलहाल समानांतर रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा बने हुए हैं।

संवाददाता — श्रवण पंवार
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