News Details | Navdhriti Manavadhikar Samachar
LIVE UPDATES
Loading fresh updates...
NMS NEWS JAIPUR

Reporter

Category: Education (शिक्षा)    State: Rajasthan

2026-08-26 02:41:41

ईसरपुर। दौसा ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवली में सोमवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब स्कूल की जर्जर छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसे के समय विद्यालय में करीब 122 विद्यार्थी और स्टाफ मौजूद थे। गनीमत रही कि जिस कमरे की छत गिरी, वहां उस समय बच्चे मौजूद नहीं थे।

ईसरपुर में जर्जर स्कूल की छत भरभराकर गिरी, 122 बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

दौसा/ईसरपुर। दौसा ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय देवली में सोमवार सुबह उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब स्कूल की जर्जर छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसे के समय विद्यालय में करीब 122 विद्यार्थी और स्टाफ मौजूद थे। गनीमत रही कि जिस कमरे की छत गिरी, वहां उस समय बच्चे मौजूद नहीं थे।

प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार स्कूल भवन में कुल 10 कमरे हैं, जिनमें से दो कमरों को विभाग की ओर से पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था। सोमवार को एक जर्जर कमरे की छत गिर गई, जबकि दूसरा कमरा भी सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बना हुआ है। फिलहाल अन्य कमरों में बच्चों की पढ़ाई जारी है।

पिछले हादसे के बाद भी नहीं सुधरे हालात

स्थानीय स्तर पर स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 25 जुलाई 2025 को झालावाड़ के मनोहरथाना क्षेत्र में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत की घटना के बाद प्रदेशभर में जर्जर स्कूल भवनों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। इसके बावजूद कई विद्यालयों में भवनों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की आवश्यकता बनी हुई है।

जर्जर भवनों के कारण करीब 100 मतदान केंद्र भी प्रभावित

राज्य में खराब हालत वाले सरकारी स्कूल भवनों का असर आगामी निकाय चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ रहा है। ऐसे विद्यालयों में स्थापित करीब 100 मतदान केंद्रों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। चुनाव आयोग ने जिला प्रशासन को जर्जर भवनों वाले मतदान केंद्रों की सुरक्षा और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कार्रवाई की जरूरत

स्कूल की छत गिरने की घटना ने शिक्षा विभाग की भवन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों की मांग है कि जर्जर कमरों को तत्काल खाली करवाकर भवन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और आवश्यकतानुसार मरम्मत अथवा नया निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका न रहे।

संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
NMS.NEWS | नवधृति मानवाधिकार समाचार
Old Archives & News

Looking for our older reports or missed stories from the past?

View Old News