Category:
Weather (मौसम)
State:
Rajasthan
2026-08-29 04:35:55
जयपुर। सावन बीतने के साथ ही राजस्थान में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 16.21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सामान्य 352.22 मिमी के मुकाबले अब तक करीब 295.1 मिमी बारिश हुई है। इसका असर प्रदेश के कई जिलों में साफ नजर आने लगा है।
🌧️ राजस्थान में मानसून कमजोर, 17 जिलों में सूखे जैसे हालात; पश्चिमी हिस्सों में 40°C के करीब पहुंचा तापमान
जयपुर। सावन बीतने के साथ ही राजस्थान में मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश के मुकाबले करीब 16.21 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार सामान्य 352.22 मिमी के मुकाबले अब तक करीब 295.1 मिमी बारिश हुई है। इसका असर प्रदेश के कई जिलों में साफ नजर आने लगा है।
बारिश की कमी के चलते राजधानी जयपुर समेत करीब 17 जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई हिस्सों में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान में भी फिलहाल व्यापक बारिश के आसार कम बताए जा रहे हैं।
ट्रफ लाइन उत्तर की ओर खिसकी, बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह कमजोर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसक गई है और हिमालय की तलहटी में सक्रिय है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली प्रणाली का प्रभाव भी सीमित रहने से राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ा है।
अगले कुछ दिनों में पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर रहने से उमस और गर्मी का असर बढ़ सकता है।
पाली में बारिश की कमी सबसे ज्यादा
बारिश की कमी वाले जिलों में पाली की स्थिति सबसे चिंताजनक बताई गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार—
पाली: सामान्य 415.41 मिमी के मुकाबले 185.78 मिमी बारिश, करीब 55.06% कमी
जालोर: सामान्य 347.83 मिमी के मुकाबले 182.40 मिमी, करीब 47.56% कमी
बांसवाड़ा: सामान्य 699.56 मिमी के मुकाबले 386.36 मिमी, करीब 44.77% कमी
जैसलमेर: सामान्य 137.19 मिमी के मुकाबले 75.56 मिमी, करीब 44.92% कमी
उदयपुर: सामान्य 514.61 मिमी के मुकाबले 300.06 मिमी, करीब 41.69% कमी
मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह किसी नए प्रभावी सिस्टम के बनने की संभावना सीमित है। हालांकि 3-4 सितंबर के आसपास पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं।
राजस्थान में बारिश की कमी का असर खेती, जलस्रोतों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। किसानों की नजर अब सितंबर की संभावित बारिश पर टिकी हुई है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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