Category:
Business (व्यापार)
State:
Rajasthan
2026-08-29 04:45:39
जयपुर। छत्तीसगढ़ और सिंगरौली क्षेत्र की कोयला खदानों में बारिश का पानी भरने से कोयला खनन और आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इसका सीधा असर प्रदेश के थर्मल पावर प्लांटों पर दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर तापमान बढ़ने और बारिश कम होने के कारण बिजली की मांग में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कोयला संकट गहराया: खदानों में पानी भरने से सप्लाई प्रभावित, बिजली की मांग 15% बढ़ी
जयपुर। छत्तीसगढ़ और सिंगरौली क्षेत्र की कोयला खदानों में बारिश का पानी भरने से कोयला खनन और आपूर्ति प्रभावित होने लगी है। इसका सीधा असर प्रदेश के थर्मल पावर प्लांटों पर दिखाई दे रहा है। दूसरी ओर तापमान बढ़ने और बारिश कम होने के कारण बिजली की मांग में करीब 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के थर्मल पावर प्लांटों को प्रतिदिन करीब 22 रैक कोयले की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में लगभग 16 से 18 रैक ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। इससे बिजली उत्पादन केंद्रों में कोयले का स्टॉक तेजी से घट रहा है।
प्रदेश के बिजलीघरों को कोल इंडिया और उत्पादन निगम की खदानों से कोयले की आपूर्ति की जा रही है। राज्य के थर्मल पावर प्लांटों की कुल क्षमता करीब 7,580 मेगावाट बताई गई है। इसके संचालन के लिए प्रतिदिन लगभग 1.04 लाख टन कोयले की जरूरत पड़ती है।
वहीं सामान्य परिस्थितियों में करीब 21.87 लाख टन का नॉर्मेटिव कोयला स्टॉक निर्धारित माना जाता है, लेकिन मौजूदा स्थिति में स्टॉक घटकर करीब 5 लाख टन के आसपास रह गया है। ऐसे में यदि खदानों से आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो बिजली उत्पादन व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।
कोटा की दो इकाइयों का प्रस्तावित मेंटेनेंस भी चुनौती
कोटा थर्मल पावर स्टेशन की दो इकाइयों के प्रस्तावित मेंटेनेंस को लेकर भी स्थिति महत्वपूर्ण है। प्रदेश में कई थर्मल पावर प्लांटों के संचालन के लिए पर्याप्त कोयला उपलब्ध रहना जरूरी है। अधिकारियों के सामने एक ओर बढ़ती बिजली मांग और दूसरी ओर सीमित कोयला आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती है।
बारिश के कारण खदानों में उत्पादन और परिवहन प्रभावित होने की स्थिति में बिजलीघरों में उपलब्ध स्टॉक की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। ऊर्जा विभाग और उत्पादन कंपनियों के लिए आने वाले दिनों में कोयला आपूर्ति को सुचारु रखना प्राथमिक चुनौती माना जा रहा है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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