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Delhi
2026-09-01 03:08:02
नई दिल्ली/बिश्केक। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर यूक्रेन संघर्ष समेत कई महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। 31 अगस्त को बिश्केक में हुई इस बैठक में मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि दुनिया को “अनंत युद्ध” से निकलकर युद्ध की समाप्ति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने शांति और कूटनीति को विवादों के समाधान का रास्ता बताया।
मोदी-पुतिन मुलाकात में शांति का संदेश: यूक्रेन युद्ध खत्म करने की दिशा में बढ़ने पर भारत का जोर
नई दिल्ली/बिश्केक। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर यूक्रेन संघर्ष समेत कई महत्वपूर्ण वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। 31 अगस्त को बिश्केक में हुई इस बैठक में मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि दुनिया को “अनंत युद्ध” से निकलकर युद्ध की समाप्ति की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने शांति और कूटनीति को विवादों के समाधान का रास्ता बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युद्ध का प्रत्येक दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद पैदा करता है। भारत का संदेश सभी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान और संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से आगे बढ़ना है।
भारत-रूस संबंधों पर भी हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में यूक्रेन के अलावा भारत-रूस के रणनीतिक संबंधों की भी समीक्षा हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, आवागमन और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।
भारत की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि क्षेत्रीय संघर्षों का असर समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर नहीं पड़ना चाहिए। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र की परिस्थितियों पर भी विचार साझा किए।
ईरान के राष्ट्रपति से भी मिले मोदी
SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव, द्विपक्षीय संबंधों और व्यापारिक सहयोग पर चर्चा की। मोदी ने तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता दोहराई तथा समुद्री व्यापार, वाणिज्य और नाविकों की सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताया।
BRICS बैठक पर भी नजर
भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। मोदी ने पुतिन को आगामी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण भी दिया है। सम्मेलन 12-13 सितंबर 2026 को भारत में प्रस्तावित है।
भारत की कूटनीति का संदेश साफ
मोदी-पुतिन मुलाकात को केवल द्विपक्षीय बैठक के रूप में नहीं, बल्कि यूक्रेन युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच भारत की संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान की नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। रूस के साथ रणनीतिक संबंध कायम रखते हुए भारत ने युद्ध समाप्त करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर अपना रुख दोहराया है।
संवाददाता – श्रवण पंवार, जयपुर
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