Category:
Court (न्यायालय)
State:
Rajasthan
2026-09-03 03:11:43
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था और न्यायाधीशों से जुड़े विवाद के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष सामने रखा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस शर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि उन्होंने सभी आरोपों का जवाब सबूतों के साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को भेज दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही वे मीडिया के सामने अपना पक्ष विस्तार से रखेंगे।
राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक सीजे संजीव प्रकाश शर्मा ने तोड़ी चुप्पी, आरोपों को बताया गलत
सीजेआई को सबूतों के साथ भेजा जवाब, बोले—जल्द मीडिया के सामने रखूंगा अपना पक्ष; 7 सितंबर से जोधपुर मुख्य पीठ में होगी सुनवाई
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था और न्यायाधीशों से जुड़े विवाद के बीच कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष सामने रखा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस शर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताते हुए कहा है कि उन्होंने सभी आरोपों का जवाब सबूतों के साथ भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को भेज दिया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही वे मीडिया के सामने अपना पक्ष विस्तार से रखेंगे।
आरोपों को सिरे से किया खारिज
जस्टिस शर्मा ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य नहीं है। उन्होंने न्यायपालिका की गरिमा और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास जताते हुए कहा कि वे उचित मंच पर अपना पक्ष रख चुके हैं। उनका कहना है कि मीडिया और सोशल मीडिया में चल रही चर्चाओं के बीच तथ्यों को स्पष्ट किया जाना जरूरी है।
7 सितंबर से जोधपुर मुख्य पीठ में सुनवाई
रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस शर्मा 7 सितंबर से जोधपुर स्थित मुख्य पीठ में मामलों की सुनवाई करेंगे। उनके समक्ष अपील, रिट याचिकाओं तथा अन्य न्यायिक मामलों की सुनवाई प्रस्तावित है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पूर्व में रोस्टर से जुड़े मामलों को लेकर उठे सवालों के बाद न्यायिक कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज हुई थी।
रामगढ़ बांध सहित जनहित के मामलों पर भी सुनवाई
जस्टिस शर्मा की अदालत में रामगढ़ बांध और प्रदेश के जल स्रोतों के संरक्षण से जुड़े जनहित मामलों की सुनवाई भी होने की जानकारी सामने आई है। अदालत ने जल स्रोतों और पर्यावरण से जुड़े मामलों में संबंधित पक्षों से गंभीरता से काम करने की अपेक्षा जताई है।
जस्टिस संदीप मेहता से जुड़े विवाद ने बढ़ाई चर्चा
मामला उस समय अधिक चर्चा में आया जब सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस संदीप मेहता की ओर से सीजेआई को पत्र लिखे जाने और न्यायिक प्रशासन से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए जाने की खबर सामने आई। रिपोर्ट में जस्टिस मेहता द्वारा प्रशासनिक एवं न्यायिक कामकाज से संबंधित कुछ गंभीर सवाल उठाए जाने का उल्लेख है।
वहीं, जस्टिस शर्मा ने इन आरोपों को स्वीकार करने के बजाय अपना जवाब सीजेआई को भेजने की बात कही है। अब पूरे मामले में आगे की स्थिति संबंधित न्यायिक एवं संवैधानिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई से स्पष्ट होगी।
न्यायपालिका की पारदर्शिता पर टिकी नजरें
राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़े इस घटनाक्रम पर न्यायिक क्षेत्र के साथ-साथ कानूनविदों की भी नजर बनी हुई है। जस्टिस शर्मा के आगामी सार्वजनिक बयान के बाद विवाद से जुड़े कई तथ्यों पर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
NMS.NEWS — नवधृति मानवाधिकार समाचार