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Viral News (वायरल समाचार)
State:
Delhi
2026-09-03 03:15:05
काठमांडू/जयपुर। नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, आपदा में मृतकों की संख्या 1,243 तक पहुंच गई है, जबकि 4,875 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल मलबे, तेज बहाव और कठिन मौसम के बीच प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।
नेपाल में तबाही का कहर: 1,243 मौतें, 4,875 लापता; नदियों का बढ़ता जलस्तर बचाव अभियान की नई चुनौती
काठमांडू/जयपुर। नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, आपदा में मृतकों की संख्या 1,243 तक पहुंच गई है, जबकि 4,875 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बचाव दल मलबे, तेज बहाव और कठिन मौसम के बीच प्रभावित इलाकों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।
तीन नदियों में बढ़ा खतरा, मौसम ने बढ़ाई मुश्किल
आपदा के बाद नेपाल के कई हिस्सों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से दोबारा बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बारिश और दुर्गम पहाड़ी इलाकों के कारण राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश जारी
सबसे बड़ी चिंता जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों और भूमिगत हिस्सों में फंसे लोगों को लेकर है। बचाव दल मलबा हटाकर अंदर तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर सुरंगों में ऑक्सीजन पहुंचाने और सुरक्षित हिस्सों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
परिवारों की बढ़ी चिंता
लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण उनके परिजन लगातार प्रशासन से जानकारी की मांग कर रहे हैं। कई स्थानों पर जिन लोगों के शव नहीं मिल पाए हैं, उनके परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार भी किए हैं। राहत एजेंसियां शवों की पहचान और परिजनों तक सूचना पहुंचाने के लिए भी प्रयासरत हैं।
आपदा के बाद आर्थिक नुकसान भी गंभीर
बाढ़ और भूस्खलन ने सड़क, पुल, जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करना और राहत सामग्री पहुंचाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों ने हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते जलवायु जोखिमों को देखते हुए आपदा पूर्व चेतावनी और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है।
स्थिति पर लगातार नजर: नेपाल में बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की प्राथमिकता मलबे व सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के साथ-साथ संवेदनशील नदी क्षेत्रों में नए खतरे को रोकना है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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