Category:
Education (शिक्षा)
State:
Delhi
2026-09-05 07:13:00
जयपुर, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा दिखाते हैं।
शिक्षक केवल पढ़ाते नहीं, राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं: राष्ट्रपति मुर्मू
जयपुर, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताते हुए कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षक अपने ज्ञान, संस्कार और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा दिखाते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। शिक्षक विद्यार्थियों में जिज्ञासा, अनुशासन, नैतिकता, संवेदनशीलता और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सफल शिक्षक वही है जो अपने विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ने का अवसर देता है।
उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभवों को याद करते हुए कहा कि जीवन में मिले अच्छे शिक्षक लंबे समय तक हमारे विचारों और व्यक्तित्व पर प्रभाव छोड़ते हैं। शिक्षक की सफलता केवल इस बात से नहीं आंकी जानी चाहिए कि उसके विद्यार्थी कितने अंक प्राप्त करते हैं, बल्कि इस बात से भी कि वे जीवन में कितने अच्छे, जिम्मेदार और संवेदनशील इंसान बनते हैं।
राष्ट्रपति ने शिक्षकों से बदलती तकनीक और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों के साथ स्वयं को निरंतर अपडेट करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में विद्यार्थियों तक जानकारी पहुंचाना आसान हुआ है, लेकिन सही और गलत जानकारी के बीच अंतर समझाने तथा विद्यार्थियों में विवेक विकसित करने में शिक्षक की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
शिक्षक दिवस पर देशभर में शिक्षकों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रमों के बीच राष्ट्रपति का संदेश शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे लाखों शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी रहा। उन्होंने देश के सभी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्पण और परिश्रम से ही मजबूत, शिक्षित और जिम्मेदार भारत का निर्माण संभव है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
NMS.NEWS