Category:
Education (शिक्षा)
State:
Delhi
2026-09-05 07:15:56
अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर जारी पाबंदियों के बावजूद पढ़ाई का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कुछ शिक्षक जोखिम उठाकर गुप्त रूप से छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। इन गुप्त कक्षाओं में लड़कियां अपनी शिक्षा जारी रखने के साथ भविष्य के सपनों को भी जिंदा रखे हुए हैं।
तालिबानी पाबंदियों के बीच अफगान बेटियों की पढ़ाई जारी, गुप्त स्कूलों में शिक्षक बने उम्मीद की किरण
जयपुर | संवाददाता श्रवण पंवार | NMS.NEWS
अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा पर जारी पाबंदियों के बावजूद पढ़ाई का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कुछ शिक्षक जोखिम उठाकर गुप्त रूप से छात्राओं को पढ़ा रहे हैं। इन गुप्त कक्षाओं में लड़कियां अपनी शिक्षा जारी रखने के साथ भविष्य के सपनों को भी जिंदा रखे हुए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे ही एक गुप्त स्कूल में 18 वर्षीय छात्रा और उसकी 13 सहेलियां फिजिक्स की परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। स्कूल के बाहर सामान्य गतिविधियां दिखाई देती हैं, लेकिन अंदर एक कमरे में छात्राओं की कक्षा चलती है। सुरक्षा कारणों से इन स्थानों और विद्यार्थियों की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
शिक्षकों ने कहा—पढ़ाना ही हमारा जवाब
अफगानिस्तान में 2022 से लड़कियों की शिक्षा पर लगी पाबंदियों के बाद बड़ी संख्या में छात्राएं औपचारिक स्कूल-कॉलेजों से दूर हो गई हैं। इसके बावजूद कुछ शिक्षकों ने जोखिम उठाकर घरों और गुप्त स्थानों पर पढ़ाई जारी रखी है। कई शिक्षक बिना वेतन या बेहद कम संसाधनों में भी छात्राओं को शिक्षा दे रहे हैं।
एक गुप्त स्कूल के प्रिंसिपल के अनुसार, तालिबान के दबाव के बावजूद शिक्षा रोकना उनके लिए विकल्प नहीं है। उनका कहना है कि शिक्षक की सबसे बड़ी ताकत उसका ज्ञान और उसकी कलम है।
छात्राओं के लिए शिक्षा बनी उम्मीद
गुप्त कक्षाओं में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए शिक्षा सिर्फ परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि अपने भविष्य को सुरक्षित रखने का रास्ता भी है। विज्ञान और अन्य विषयों की पढ़ाई के जरिए ये छात्राएं डॉक्टर, शिक्षक और अन्य पेशेवर बनने के अपने सपनों को कायम रखने की कोशिश कर रही हैं।
शिक्षा पर प्रतिबंधों के बीच इन शिक्षकों और छात्राओं का प्रयास यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी सीखने की इच्छा को पूरी तरह दबाया नहीं जा सकता। हालांकि, ऐसी कक्षाओं में शामिल विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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