Category:
Business (व्यापार)
State:
Uttarakhand
2026-09-09 03:41:21
अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय मुद्रा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत के आयात बिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। भारत अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, ऐसे में तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
डॉलर में मजबूती से रुपये पर दबाव, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई बाजार की चिंता
जयपुर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। कारोबारी सत्र में रुपये की चाल कमजोर रहने से आयात आधारित कारोबार और घरेलू बाजार की धारणा पर असर पड़ने की आशंका है।
अमेरिकी डॉलर की मजबूती का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय मुद्रा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत के आयात बिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। भारत अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है, ऐसे में तेल महंगा होने पर डॉलर की मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
सेंसेक्स-निफ्टी पर भी दबाव की आशंका
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार रुपये में कमजोरी और विदेशी बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से आयात पर निर्भर कंपनियों की लागत बढ़ने की संभावना रहती है, जबकि निर्यात आधारित कंपनियों को कमजोर रुपये से कुछ लाभ मिल सकता है।
निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों पर
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी संस्थागत निवेश और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। बाजार में वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर सुरक्षित निवेश की ओर रुझान बढ़ सकता है।
संवाददाता — श्रवण पंवार, जयपुर
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