Category:
Health (स्वास्थ्य)
State:
Rajasthan
2026-06-01 03:08:36
खाली पेट एसिडिटी की दवा बन सकती है हड्डियों की दुश्मन, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
खाली पेट एसिडिटी की दवा बन सकती है हड्डियों की दुश्मन, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
लंबे समय तक एंटासिड दवाओं का सेवन बढ़ा सकता है फ्रैक्चर का खतरा, महिलाओं को विशेष सतर्कता की जरूरत
संवाददाता : श्रवण पंवार
जयपुर | NMS NEWS
राजधानी जयपुर में आयोजित हड्डियों के स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि एसिडिटी की दवाओं का लंबे समय तक और बिना चिकित्सकीय सलाह के सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। विशेष रूप से खाली पेट नियमित रूप से ली जाने वाली एंटासिड दवाएं शरीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन-बी12 के अवशोषण को प्रभावित कर हड्डियों को कमजोर बना सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक इन दवाओं के उपयोग से ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों के फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है। बढ़ती उम्र के लोगों और महिलाओं को इस संबंध में अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद हड्डियों की घनत्व क्षमता स्वाभाविक रूप से कम होने लगती है।
चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन-डी, नियमित व्यायाम और समय-समय पर बोन डेंसिटी जांच आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि एसिडिटी या पेट संबंधी किसी भी समस्या के लिए स्वयं दवा लेने की बजाय चिकित्सकीय परामर्श को प्राथमिकता दें।
सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों ने हड्डियों से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम, समय पर जांच और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उनका मानना है कि सही जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से भविष्य में होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
मुख्य बिंदु
✔ खाली पेट एंटासिड दवाओं का लगातार सेवन हानिकारक हो सकता है।
✔ कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी से हड्डियां कमजोर पड़ सकती हैं।
✔ मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा अधिक।
✔ नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह से जोखिम कम किया जा सकता है।
✔ 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को बोन हेल्थ जांच कराने की सलाह।
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संवाददाता : श्रवण पंवार, जयपुर