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Maharashtra
2026-06-06 03:15:11
वैश्विक संकट के बीच RBI का संतुलित फैसला, महंगाई बढ़ने और विकास दर घटने की आशंका
वैश्विक संकट के बीच RBI का संतुलित फैसला, महंगाई बढ़ने और विकास दर घटने की आशंका
रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, अंतरराष्ट्रीय तनाव और आपूर्ति संकट से भारतीय अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
जयपुर | NMS NEWS
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों का असर आने वाले महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद जारी संकेतों के अनुसार महंगाई दर में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जबकि आर्थिक विकास दर (GDP Growth) के अनुमान में मामूली कमी की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर भारत के आयात और निवेश पर पड़ सकता है।
आर्थिक जानकारों के अनुसार यदि वैश्विक तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो खाद्य पदार्थों, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे आम नागरिकों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
हालांकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने से फिलहाल गृह ऋण, वाहन ऋण और अन्य बैंकिंग ऋणों की ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। इससे आम उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को कुछ राहत मिल सकती है।
आरबीआई ने विदेशी निवेश आकर्षित करने और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कई नीतिगत कदमों का भी संकेत दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन और नियंत्रित मुद्रास्फीति ही आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों से सुरक्षित रख सकती है।
वित्तीय विशेषज्ञों ने सरकार और उद्योग जगत को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि वैश्विक हालातों पर लगातार नजर रखना आवश्यक होगा ताकि संभावित आर्थिक झटकों का प्रभाव कम किया जा सके।
संवाददाता : श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS