Category:
State News (राज्य समाचार)
State:
Rajasthan
2026-08-15 02:09:50
12.63 करोड़ के टेंडर में 4 में से 3 फर्म बाहर, इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट की खरीद पर उठे सवाल
12.63 करोड़ के टेंडर में 4 में से 3 फर्म बाहर, इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट की खरीद पर उठे सवाल
जयपुर। राजस्थान में आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित 12.63 करोड़ रुपये की इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट खरीद की टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विभाग ने करीब 12,650 किट की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था। प्रक्रिया में शामिल चार फर्मों में से तीन कंपनियां तकनीकी जांच के दौरान बाहर हो गईं, जिसके बाद टेंडर में प्रतिस्पर्धा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
चार में से तीन फर्म तकनीकी जांच में बाहर
रिपोर्ट के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया में चार फर्मों ने भाग लिया था। तकनीकी दस्तावेजों की जांच के बाद तीन फर्मों को अलग-अलग तकनीकी शर्तों और दस्तावेजों से संबंधित कमियों के आधार पर अयोग्य माना गया। इसके बाद केवल एक फर्म के आगे की प्रक्रिया में रहने से प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल उठे।
बताया गया है कि टेंडर में किट की आपूर्ति के साथ संबंधित फर्मों के अनुभव और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी शर्तें भी रखी गई थीं। इसी दौरान कुछ कंपनियों ने टेंडर की शर्तों को लेकर आपत्ति और पुनर्विचार की मांग की।
टेंडर प्रक्रिया में संशोधन भी सामने आया
रिपोर्ट के अनुसार विभाग की ओर से बाद में टेंडर प्रक्रिया से संबंधित संशोधन/स्पष्टीकरण भी जारी किया गया। इसमें किट की आपूर्ति, फर्म के पूर्व अनुभव और दस्तावेजों से जुड़ी शर्तों को लेकर प्रावधानों पर चर्चा हुई।
विभाग की ओर से प्रस्तावित खरीद में बड़ी संख्या में इमरजेंसी रिस्पॉन्स किट शामिल हैं। आपदा या आपातकालीन परिस्थितियों में इन किट का उपयोग राहत एवं बचाव कार्यों में किया जाना प्रस्तावित है।
आपदा प्रबंधन की तैयारियों से जुड़ा मामला
राजस्थान में मानसून के दौरान बाढ़, जलभराव और अन्य आपदाओं की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव सामग्री की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में करोड़ों रुपये की इस खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और पर्याप्त प्रतिस्पर्धा बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल टेंडर प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर विभागीय स्तर पर स्थिति और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी। अंतिम खरीद, आपूर्ति और चयन प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग के आधिकारिक दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
संवाददाता: श्रवण पंवार
जयपुर | NMS.NEWS